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कॉलेज की कुवारी को डांस करते हुए चोदा

Hindi sex story मैंने कानपुर से अपनी इंजीनिरिंग की पढ़ाई की है। मेरे कॉलेज में प्रतिवर्ष वार्षिक उत्सव मनाया जाता है।

जब मैं अपने कॉलेज के थर्ड ईयर में था तो मुझे कॉलेज के वार्षिक उत्सव के काम को संभालने का मौका मिला। मुझको अपने कॉलेज में डांस का प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ करने को बोला गया था। वैसे मुझको किसी भी काम को लेकर उत्साह नहीं था फिर भी इंटर्नल मार्क्स के लिए मैंने इस काम को करने के लिए हामी भर दी।
मैंने कॉलेज की मेन एंट्री पर ही अपना टेबल को लगा लिया था.. ताकि लोग रजिस्ट्रेशन के लिए आसानी से आ सकें। पहले ही दिन से काफ़ी लोगों ने अपने रजिस्ट्रेशन करा लिए जिनमें से एक लड़की थी.. जिसका नाम पूजा था, मुझको वो बहुत पसंद आई, मैंने सोच लिया था कि मैं इस लड़की को ज़रूर पटाऊँगा।

वैसे मैं अपने कॉलेज का होनहार लड़का था.. इसलिए लड़कियों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता था.. पर इस लड़की में कुछ अजीब सी कशिश थी कि मैं अपना ध्यान उस पर से हटा ही नहीं पाया।
हम लोगों को एक बड़ा सा हॉल दिया गया था.. जहाँ पर सबको डांस की प्रैक्टिस करनी थी। मैंने वहाँ पर अपना पूरा सेटअप कर लिया था। जब भी किसी की कोई क्लास फ्री होती.. वो लोग वहाँ प्रैक्टिस के लिए आ जाते, मैं उनको इस काम में मदद करता।
पहले दिन जब पूजा आई.. मैं उसको देखता रह गया। मैं कुछ सोच रहा था कि उसने मुझको ‘गुड मॉर्निंग’ विश किया। मैंने भी उसको ‘गुड मॉर्निंग’ बोला।

मैंने उससे पूछा- तुम किस गाने पर डांस करोगी.. प्लीज़ पहले अपना गाना रजिस्टर पर लिख दो और अपनी प्रैक्टिस शुरू करो।
प्रैक्टिस के वक्त वो स्लीव लैस टॉप पहन कर आती थी। जब भी डांस करते वक्त वो अपने हाथ ऊपर उठाती.. तो मुझको बहुत अच्छा लगता। सारा दिन मैं उसी को निहारता रहता। उसका साइज़ तो मुझको नहीं याद है.. फिर भी एक मस्त माल थी वो.. पतली सी कमर.. छरहरी काया वाली लड़की थी वो.

डांस करते वक्त वो पसीने से भीग जाती थी.. तो और भी खूबसूरत लगने लगती थी।
ऐसे ही उसको प्रैक्टिस करते हुए तीन दिन निकल गए.. एक दिन मैंने उससे पूछा- अगर तुम्हारी प्रैक्टिस हो गई हो तो तुम अपना डांस दिखा दो.. तो मैं उसको फाइनल कर दूँ।

उसने इसके लिए हामी भर दी।
मैंने उसका सिलेक्ट किया हुआ गाना लगाया फिर उसने अपना डांस दिखाया। नाचते हुए वो बहुत प्यारी लग रही थी लेकिन उसके डांस में कई कमियाँ थीं।

मैंने उसको कई बार बताया तो उसने बोला- मुझको समझ नहीं आ रहा.. आप ही सिखा दो।
तो मैंने उसको सिखाना शुरू किया।

हम दोनों एक-दूसरे से काफ़ी घुल-मिल गए थे इसलिए उसको अजीब फील नहीं हो रहा था। डांस सिखाते हुए मैं उसके बदन को महसूस कर रहा था और शायद वो भी। हम दोनों ने अपना अपना नंबर एक्सचेंज कर लिया था.. फोन पर हम लोग काफ़ी बात किया करते थे।

वार्षिक उत्सव ख़त्म हो चुका था और हम दोनों को आपस में बात करते हुए एक महीना हो चुका था।

एक दिन मैंने मौका देख कर उसको प्रपोज़ किया और उसने ‘हाँ’ कर दी।
अब फोन की बातें सेक्स चैट में बदल गईं।

लेकिन दोस्तो, जब चूत का जुगाड़ हो जाता है.. तो चुदाई करने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिलती। इसलिए हम लोग कभी-कभी कानपुर के प्रसिद्ध लवर प्वाइंट मोतीझील चले जाते और चुम्बन वग़ैरह कर लेते, कभी-कभी मैं उसके दूध दबा लेता।

उसके मम्मे ज़्यादा बड़े तो नहीं थे.. पर बहुत ही प्यारे थे, उसके दाहिने मम्मे पर एक काला तिल है जो कि उनकी सुंदरता को और बढ़ा देता।

पर ऐसे कब तक चलता..

दोस्तो आख़िर वो दिन भी आ गया जब मेरी मुराद पूरी होने वाली थी।

एक दिन जब उसके घर में कोई नहीं था.. सब लोग किसी शादी में गए थे.. हम दोनों ने सेक्स करने का प्लान बनाया। तब उसने मुझको बुलाया, मैंने मेडिकल स्टोर से कन्डोम ले लिए और सीधा उसके घर गया।
वो मेरा ही इंतजार कर रही थी।

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घर पहुँचने के बाद मैंने उसको धीरे से पकड़ा और बोला- पूजा आज मेरी मुराद पूरी कर दो। वो बोली- पहले कुछ खा लो.. फिर करूँगी तुम्हारी मुराद पूरी।

मैंने उसकी बात को अनसुना कर दिया और एक छोटा सा किस उसके होंठों पर किया.. वो शर्मा गई।
भगवान कसम वो शरमाते हुए बहुत प्यारी लग रही थी।

मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और उसको बिस्तर पर ले गया, उसको चित्त लिटाया और धीरे-धीरे से चूमना शुरू किया।

शर्म के कारण उसने अपने हाथों से अपना चेहरा ढक लिया।

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
वो गर्म होने लगी थी और हम लोगों ने कम से कम आधे घंटे तक बस चूमा चाटी ही की होगी। किस करते हुए वो एक बार झड़ चुकी थी।

मैंने धीरे-धीरे उसके और अपने कपड़े उतारने शुरू किए और दोनों पूरे नंगे हो गए।

मैं उसके ऊपर लेट कर उसके सारे शरीर को चूम रहा था और वो बस उत्तेजना से इधर-उधर अपना पैर पटक रही थी। उसको चूमते हुए मैं अब उसकी चूत तक पहुँचा।
अजीब सी महक थी उसकी चूत की.. पर मैंने ना चाहते हुए उसकी चूत को चूसना शुरू किया.. वो तो जैसे उछल ही पड़ी।

करीब 15 मिनट तक मैंने उसकी चूत को चूसा.. वो बोली- प्लीज़ प्रखर कुछ करो.. मुझको अजीब सा लग रहा है।

मैंने उससे पूछा- पहले कभी किया है?

तो उसने बताया- हाँ एक बार किया है।
मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और धीरे-धीरे हौले-हौले से उसकी चूत में उतार दिया। उसने थोड़ा हिल कर लंड को चूत में एड्जस्ट किया और मैंने धक्के लगाने शुरू कर दिए।

हर झटके में वो बस ‘आह.. आहह..’ कर रही थी.. जैसे मानो वो स्वर्ग में थी।
इसी बीच उसका शरीर अकड़ने लगा और वो झड़ गई।
मैं भी झड़ने वाला था.. तो अपना लंड निकाल लिया। थोड़ा पानी पिया और कन्डोम चढ़ा कर उसको फिर से चोदने लगा।

फिर कुछ मिनट चोदने के बाद मैं भी झड़ गया।
हम दोनों थोड़ी देर एक-दूसरे को बाहों में लेकर पड़े रहे और एक दूसरे को चूमते रहे।

मेरा अभी और मन था तो मैंने उसको बोला- तुम मेरा लंड चूसो।

पहले तो उसने थोड़ा ना-नुकुर किया.. फिर बैठ कर लंड को प्यार से चूसने लगी।
दोस्तो, उसके होंठों की गर्मी से मेरा लंड फिर कड़क हो गया। इस बार मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला और मैंने पीछे से उसकी चुदाई करनी शुरू की।
जैसे मैं आगे को धक्का देता.. वो पीछे को धक्का देती। तकरीबन 15 मिनट तक इसी पोज में चुदाई से मैं ओर वो दोनों थक गए थे।
मैं सीधे लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ कर चुदाई करने लगी, थोड़ी ही देर में हम दोनों दोबारा झड़ गए।

हम दोनों बहुत खुश थे। थोड़ी देर में हम दोनों का फिर मूड बन गया और हम दोनों ने एक बार और चुदाई का मज़ा लिया।
इसके बाद कालेज टाइम में हम लोगों ने कई बार चुदाई की..

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