जीजा ने तोड़ ही दी सील

जीजा ने तोड़ ही दी मेरी मस्त कुवारी छूट की सील। दोस्तों मैं सोम्या आज आप सबका लन्ड निचोड़ कर रख दूंगी। मेरी कहानी को पढ़ कर पानी आ जायेगा। मेरा नाम सौम्या है. मेरी उम्र 25 साल है. मै झारखण्ड में रहती हूँ. मै देखने में बहोत ही हॉट माल लगती हूँ. मेरे को देखकर लड़के, जवान, बूढ़े सभी अपना अपना लंड खड़ा कर लेते है. मौक़ा मिल जाए तो लड़के दिन दोपहर में ही मेरा काम लगा डाले. मेरे 34 -28- 36 के फिगर को देखकर मेरे जीजा भी मचल गए. मेरे बड़े बड़े मम्मो को देखकर उनसे रहा नहीं गया. उन्होंने मेरी चूत फाड़कर मेरे को कली से फूल बना दिया. फ्रेंड्स बड़े दिनों से मै अपनी कहानी लिखना चाहती थी.

आज मै आपको अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रही हूँ. किस तरह से मेरे जीजा ने मेरी सील तोड़ी. ये बात अभी अगले साल की है. जब मैं 24 साल की थी. एक साल बाद दीदी जीजा मेरे घर आये हुए थे. दीदी की शादी 3 साल पहले हो चुकी थी. वो अपने ससुराल से जीजा के साथ बहोत दिन बाद घर पर आयी हुई थी. मम्मी पापा ने उन्हें कुछ दिन के लिए रोक लिया था. जीजा मेरे से बहोत मजाक करते थे. मेरे को पकड़कर किस कर लेते थे. मेरे को तो 20 साल की उम्र तक प्यार मुहब्बत के बारे में कुछ पता ही नही था.

चूत का लंड से क्या ताल्लुकात होता है? कंडोम क्या होता है? 20 साल की उम्र के बाद मैने जबसे एंड्रॉयड फ़ोन लिया तब से धीरे धीरे सारी बाते पता हो गयी. उसमे ऐड देख देख के सब कुछ पता चल गया. जो कुछ देखा था उसका प्रैक्टिकल जीजा ने करा दिया. मैं बहोत शर्मीली टाइप की थीं. 24 साल की उम्र में भी चूत से पेशाब करने के अलावा कुछ काम नहीं किया. मेरे को ये तो पता था की लड़को के पास कुछ लंबा सा डंडा होता है जिसे लंड कहते हैं. मेरे को सब कुछ देखना था लेकिन कैसे देखती? कोई बॉयफ्रेंड भी तो नहीं था. जब जीजा मेरे घर आये तो मेरे दिमाग में आईडिया आया. दूसरे दिन जब जीजा सो के उठे तो उनका लंड भी खड़ा लग रहा था. उनका लोवर तंबू की तरह खड़ा हुआ था. मैंने सोचा क्यों न जीजा का ही देख डालूं! मैंने ठीक वैसा ही किया. दूसरे दिन मम्मी और दीदी सुबह सुबह मंदिर गई थी. पापा बाहर कही गए हुए थे. जीजा सो रहे थे. मै उनके कमरे में गई. वो चादर ओढ़ लेटे हुए थे.

मैंने उनके चादर को हटाया. अंदर वो सिर्फ अंडरबियर और बनियान में ही थे. उनका लंड झुका हुआ लग रहा था. मैंने अपने हाथ से जीजा का लंड छुआ तो मेरे को बड़ा सॉफ्ट लग रहा था. मै सोच में पड गयी. सारे ऐड में तो मैंने लंड को लोहे की तरह टाइट देखा था. इनका तो मक्खन की तरह सॉफ्ट लग रहा है. मैंने उनका अंडरबियर हटाकर उनके लंड को देखना चाहा. मैंने वैसा ही किया. धीरे से जीजा का अंडरबियर हटा दिया. अंदर उनका लंड इस तरह पड़ा था जैसे उसमे कोई जान ही न हो. वो सिकुड़ा हुआ छोटा सा दिख रहा था. जीजा के लंड पर मैं अपनी अंगुली को स्पर्श कराने लगी. मेरे अंगुलियों के मुठ देने से उनका लंड खड़ा होने लगा. जीजा के लंड मेरे स्पर्श से जान आ गयी. वो अचानक से आँख बंद करके मेरे को चिपकाने लगे. वो मेरे को दीदी समझ बैठे थे.

जीजा: क्या जानू सुबह सुबह मेरा लंड छूकर खड़ा कर देती हो?

मेरे तो कुछ समझ में ही नही आ रहा था क्या करूं! मै उनसे छुड़ाकर जाने लगी. तभी जीजा ने अपनी आँखे खोल दी. मै शर्म के मारे मुह नीचे करके बैठी थी. वो मेरे से दूर होकर अपना अंडरबियर संभालते हुए मेरे से हड़बड़ा कर बोलने लगे.

जीजा: तु…. तुम यहां क्या कर रही हो?

मै: कुछ नहीं जीजा मै तो आपको जगाने आयी थी

फ्रेंड्स मै भी बहोत डरी हुई थी

जीजा: तुम मेरे को जगाने आयी थी तो मेरा अंडरबियर क्यों निकाल दी?

मै: जीजा मेरे को कुछ उसमे घुसा हुआ लग रहा था. मै देख रही थी क्या घुसा है??

जीजा: पागल तेरे को अभी यही नहीं पता है अंडरबियर के अंदर होता क्या है?

मै: मेरे को पता होता तो देखती ही क्यूँ!

जीजा: जिसे तुम कुछ और समझ रही थी वो मेरा लंड था

जीजा मेरे को अपने पास बिठाकर बड़े प्यार से लंड की व्याख्या करके कहने लगे.

जीजा: तुम मेरे लंड स खेलना चाहती हो तो खेल लो!

मै: आपका लंड तो बहोत ही ढीला है. मैंने मूवी में देखा था. वो तो लोहे की रॉड की तरह टाइट दिख रहा था
जीजा: क्या बात बेटा तूने ब्लू फिल्म देखना शुरू कर दी. चल तेरे को आज प्रैक्टिकल करके सब दिखाता हूँ

मै: वो कैसे होगा?

जीजा: तुम पहले मेरे लंड से खेलो उसके बाद जब वो खड़ा हो जाएगा तब मैं तुम्हारी चूत में घुसाऊंगा. फिर तेरे को खूब मजा आएगा

मै: ठीक है!

इतना कहकर जीजा ने अपना अंडरबियर निकाल दिया. उनका 3 इंच का लंड सिकुड़ा हुआ मेरे को एक बार फिर से दिखने लगा. मेरे को हाथो में देते हुए मालिश करने को कहने लगे. मैंने डरते हुए धीरे से उनका लंड पकड़ा. मैंने उनके लंड को प्यार करना शुरू कर दिया. मेरे को कुछ पता ही नहीं था. मैं उनका लंड सिर्फ हाथ में लिए बैठी थी. मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ जीजा ने रखकर अपना लंड आगे पीछे करवाने लगे. तब जाकर मेरे को पता चला की लंड को आगे पीछे हिलाकर खड़ा किया जाता है. मैं भी लंड हिलाने में उनका साथ देने लगी. जीजा ने कुछ देर में अपना हाथ हटा लिया. मै उनका लंड जल्दी जल्दी आगे पीछे करने लगी. जीजा का सिकुड़ा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा.

मै उनके लंड को हिलाती रही. जीजा ने अपना लंड मेरे होंठो से रगड़ने लगे. मैंने अपना मुह खोल कर उनसे कुछ बोलना चाहा उससे पहले जीजा ने मेरे मुह में अपना लंड घुसा दिया. मेरे को वो अपना लंड चूसने को कहने लगे. मेरा मुह उनके लंड से भर चुका था. धीरे धीरे उनके लंड ने अपना आकार बड़ा करना शुरू किया. मेरे को लगा मेरा मुह फटने वाला है. उनका लंड मेरे मुह में बड़ा हो चुका था. मै जीजा की जांघ में अपनी नाखून को गड़ा कर मुह को छुड़ाने लगी. जीजा ने बड़ी ही आसानी से अपने लंड को मेरे मुह से निकाल लिया. मैंने चैन की साँस ली. जीजा ने जाकर दरवाजा लॉक किया. अब वो बेफिक्र होकर मेरी चुदाई को तैयार थे. मै बिस्तर पर बैठी थी. जीजा ने मेरे को बाहों में भर कर प्यार करना शुरू कर दिया. मेरे बदन को सहलाते हुए मेरे को किस करने लगे. उन्होंने अपना होंठ मेरे होंठ से सटा रखा था. मैं कुछ समझ ही नहीं पा रही थी. किस कैसे करते हैं. मैंने जीजा की कॉपी करनी शुरू कर दी. जैसे ही वो मेरे होंठ को चूसते वैसे ही मैं भी करने लगी. जीजा मेरे नीचे के होंठ को चूस रहे थे. मैं उनके ऊपर के होंठ को चूस रही थी. जीजा का मौसम बन गया. वो अचानक से मेरे होंठो को जोर जोर से चूसकर काटने लगे. मेरी सांस फूलने लगी. पहली बार मेरे को किस का एहसास बहोत ही अच्छा लग रहा था. मैं भी जीजा का साथ दे दे देकर खुद को गर्म करवा रही थीं. मेरी गर्म साँसों का एहसास जीजा को भी होने लगा. वो मेरे को किस करना बंद कर दिए. वो मेरे को गले पर किस करने लगे. उनका किस करना तो बहोत ही मजेदार था.

मैंने उस दिन काले रंग का सलवार कुर्ता पहना हुआ था. वो मेरे कुर्ते में हाथ डालकर मेरे मम्मो को मसलने लगे. मै चुदने को बहोत ही बेकरार होने लगी. वो मेरे कुर्ते को निकालने लगे. मेरे कुर्ते को निकाल कर मेरे को सिर्फ ब्रा में कर दिया. मेरी सफ़ेद रंग की ब्रा में मेरे दोनों बूब्स चमक रहे थे. मेरे मम्मो को पकड़ कर वो दबाने लगे. मेरे को बहोत ही अजीब लगा रहा था. उससे भी ज्यादा अजीब तो जब लगा जब उन्होंने मेरी ब्रा को निकाल कर मेरा दूध पीने लगे. भूरे भूरे निप्पलों को मुह से खीच खीच कर पीकर मेरे जोश दिला रहे थे. मैं “उ उ उ उ उ……अ अ अ अ अ आ आ आ आ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकाल कर अपना दूध पिला रही थी. जीजा मेरी दूध को दबाकर मजा ले रहे थे. मेरी सलवार का नाडा खोलकर उन्होंने निकाल दिया. पैंटी में मेरे को करके उन्होंने मेरे बदन पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. मेरी पैंटी को उन्होंने निकाल कर मेरी चूत पर अपना जीभ लगाने लगे. जीजा अपनी खुरदुरी जीभ मेरी चूत पर रगड़ने लगे. मेरी चूत में खुजली बढ़ने लगीं. मै चुदने को तड़पने लगी. वो मेरी चूत की खाल को अपने होंठ से पकड़कर खीच खीच कर मजा ले रहे थे. मेरी छूट के दाने को वो अपनी दांतो से काटने लगे. मेरी मुह से……अई…अई….अई……अई…. इसस्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की आवाज निकालने लगीं. वो जल्दी जल्दी मेरी चूत चाटने लगे. मै भी अपनी गांड उठा उठा कर चूत चटवाने लगी. जीजा जी चोदने को एक दम से तैयार ही लग रहे थे. वो मेरी टांगो को खोलकर चूत पर अपना लंड लगा दिए.

मेरी चूत के चारो ओर अपने लंड को रगड़ने लगे. कुछ देर तक रगड़ने के बाद जीजा ने अपना लंड मेरी चूत के छेद पर लगा दिया. वो जोर से धक्का मार कर अपना लंड घुसाने लगे. मेरी चूत में कई बार धक्का मार कर अपने लंड का टोपा घुसा दिया. मेरी तो चीख निकल गई. उन्होंने और जोर से धक्का मारा. इस बार जीजा का आधा लंड घुस गया. मेरी सील टूट चुकी थी. मैं जोर जोर “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..”की चीख निकालने लगीं. जीजा ने मेरी एक न सुनी और अपना लंड धक्कम धक्का मार कर पूरा अंदर कर दिया.

मेरी चूत बहोत तेज से दर्द होने लगी. जीजा ने कुछ देर तक अपना लंड चूत में घुसाकर चुदाई को रोक दिया. मेरे को मेरी चूत के नीचे से कुछ चिपचिपा पानी जैसा गिरता हुआ लगा. मैंने अपनी अंगुली लगा कर देखा तो मेरी उंगली खून से भीगी हुई थी. मेरे को बहोत डर लगने लगा. मैं कुछ कहती उससे पहले जीजा ने मेरी चुदाई धीरे धीरे शुरू कर दी. मै जोर जोर से चिल्लाने लगी. मै डर से और जोर से “…….उई. .उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”चिल्ला रही थी. मेरी चूत को जीजा ने फाड़ कर अपना लंड की प्यास बुझा रहे थे. मेरी होंठो को चूसते हुए चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी. जीजा का लंड बहोत ही तेजी से मेरी चूत में अंदर बाहर हो रहा था. मेरे को भी धीरे धीरे मजा आने लगा.

मैने भी अपनी गांड उठाकर चुदवाना स्टार्ट किया. मैं भी बहोत तेजी से अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी. जीजा ने मेरे को ऐसा करता देख और जोर से चुदाई शुरू कर दी. मेरी चूत की तो हालत खराब ही गयी. चूत फाड़कर मेरी चूत को आज कली से फूल बना दिया था. मै भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज के अपनी चूत फड़वा रही थी. जीजा ने मेरे को लंड पर बिठा लिया. मेरी चूत में अपना लंड सेट करके जीजा ने मेरे को उछल कर चुदवाने को कहने लगे. मैंने वैसे ही किया. उनके लंड पर उछल उछल कर चुदने में मेरे को बहोत ही मजा आने लगा. मेरे उछलते ही मेरी दोनों बूब्स उछलने लगते थे. मैं अपने हाथ से दोनो चुच्चो को पकड़ कर चुदवा रही थी. मेरी चूत ने अचानक पानी छोड़ दिया.

मैने “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह् ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ अपना माल निकाल दिया. उसके बाद मेरी चूत से जीजा अपना लंड निकाल लिया. मेरे मुह के सामने ही वो अपना लंड करके मुठ मारने लगे. कुछ देर बाद उनका लंड पिचकारी छोड़ने लगा. मेरे मुह पर सारा माल बिखेर कर फेसिअल कर दिए. मेरे चेहरे से उनका माल टप टप करके नीचे गिर रहा था. मैंने उनका माल साफ़ कपडे से पोंछ कर अपने चेहरे को साफ़ कर लिया. फिर हम दोनों ने अपने अपने कपडे पहने और रूम से बाहर आ गए.उसके बाद जीजा ने मेरी कई बार चुदाई की. मेरे को भी जीजा के लंड से खेलने में बहोत मजा आ रहा था.