नौकर के बेटे संग मेरी पहली चुदाई 

Pahali chudai

थोड़ा अटपटा सा शीर्षक है ना. लेकिन, यकीन मानिये मैने जो किया; वो था बड़ा मज़ेदार, कामुक गरम और उत्तेजक. मै १९ साल की बिगड़ी हुई एक अमीर माँ-बाप की इंडियन लड़की हु. मुझे सेक्स, संभोग, चूत, चुचे और लंड के बारे में १४ साल में ही पता चलने लगा गया था. क्युकी, मै एक बड़े स्कूल में पड़ती थी और घर मे नौकरो के भरोसे. मेरे माँ-बाप के पास मेरे लिया समय ही नहीं था. मेरे साथ खेलने के लिए मेरी नौकरी मालती का बेटा था वीरू. वीरू मुझसे ४- बड़ा होगा. जब मै छोटी थी, तो वो मुझे संभालता था और जब मै बड़ी हुई और मेरे चुचे बड़े और चूत गुलाबी हो गयी, तो वो मेरे इंडियन लड़की के कामुक अंगो से खेलता था; लेकिन कभी उसने मुझे चोदा नहीं था. मेरे साथ की सभी लडकिया बड़ी हो रही थी और हम सब अमीर घरो से थे, जिनके माँ-बाप के पास समय नहीं था, किसी के लिए. हम लोग अक्सर एक दूसरे के घर साथ में रुकते, तो हम सब इंडियन लड़की वाली ब्लूफिल्म देखते और कामुक और गरम किताबे पढ़ते. वो सब देखकर मुझे समझ आने लगा था, कि वीरू मेरे कामुक अंगो के साथ क्या करता है और जब भी वो मेरे चुचे दबाता है और मेरी चूत को छूता है, तो मुझे अच्छा क्यों लगता है. एक दिन मैने वीरू को फसाकर उससे चुदने का प्रोग्राम बनाया. अब मै उसको रिझाने के लिए कामुक और सेक्सी कपडे पहनती और कभी उसके गाल खीच देती और कभी उसका हाथ पकड़ लेती और कभी उसकी चूतडो पर चाटा मारकर बजा देती, वीरू बस मुस्कुराकर रह जाता.

एक दिन घर में कोई नहीं था. मालती आंटी वीरू को घर पर रुकने को बोलकर बाजार चली गयी. मुझे ये मौका बहुत अच्छा लगा और मै अपने सारे कपडे उतारकर बाथरूम में गुस गयी और जमीन पर पानी फैला दिया और बैठ गयी और मोच आने का नाटक करने लगी. मैने वीरू को आवाज़ दी और बोली मै गिर गयी हु, जल्दी आओ. वीरू दौड़कर आया और मुझे नंगी हालत में देखकर मुस्कुराने लगा और बोला, सच्ची में लगी है या सिर्फ बहाना है. मैने वीरू को कहा, हरामजादे जब पता है, तो वहा खड़ा हुआ क्यों गांड मरवा रहा है, आ मेरे पास और अपने लंड से इंडियन लड़की गरम चूत की हवस को बुझा. शायद वीरू भी काफी दिनों से इसी बात को इंतज़ार कर रहा था. उसने एक ही बार में अपने बदन को अपने शरीर से अलग कर दिया और उसका काला मोटा लंड किसी साँप की तरह मेरे सामने लहरा रहा था. मैने अब तक लंड सिर्फ ब्लूफिल्म और किताबो में ही देखा था. मैने एक बार वीरू के लंड को देखा और फिर अपनी इंडियन लड़की की गुलाबी चूत को. अब मुझे सच्ची में दर लगने लगा था.

वीरू समझ गया, कि मैने उसको नंगा तो करवा लिया; लेकिन अब मुझे डर लगने लगा है. वीरू बड़े प्यार से अंदर आया और मुझे गोदी में ले लिया और मेरी आँखों में देखने लगा. एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और की साँसे गरम और तेज हो चुकी थी. उसने मुझे कमोड पर बैठाया और मेरे हाथो में अपने लंड को पकड़ा दिया और बोला, जैसे ब्लूफिल्म मे देखा है, बिलकुल वैसे ही चूसो. मैने वीरू का लंड अपने हाथो में ले लिया और उसको मस्ती में सहलाने लगी और फिर मैने डरते हुए वीरू के काले लंड का सुपाड़ा अपनी जीभ से चाटना शुरू किया; तो वीरू ने मेरे बालो को पकड़कर मेरे मुह को पीछे खींचा और अपने दूसरे हाथ से मेरा मुँह खोलकर अपने लंड को पूरा मेरे मुह में गुसा दिया. वीरू का लंड इतना बड़ा और मोटा था, कि वो मेरे गले तक उत्तर गया और फिर वीरू ने मेरे मुह को पकड़ लिया और अपनी गांड को हिलाकर मेरे मुँह को चोदने लगा. मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे और मेरे मुँह से घु-घु-घु करके आवाज़. मुझे बड़ा दर्द हो रहा था और कुछ ही देर मेँ, मै मरने वाली हु; लेकिन वीरू को जैसे को कोई फरक ही नहीं पड़ रहा था, वो बस कसम खा के आया था, कि मेरी चूत का भोसड़ा बनाना है.

अब मुझसे से और ज्यादा सहन नहीं हो रहा था और मेरी इंडियन लड़की गुलाबी चूत बिलकुल गीली हो चुकी थी और मेरी चूत से मेरा पेशाब भी निकलकर जमीन पर फैल चूका था. मै इंडियन लड़की दर्द से करहा रही थी और वो साल वीरू अपने लंड को झुलाता हुआ मुस्कुरा रहा था. फिर, वीरू ने मुझे कमोड से उठाया और कमरे में लाकर बिस्तर पर फेंक दिया और मेरे ऊपर आकर मेरे चुचो को पकड़ लिया। वीरू बड़ी ही बेहरमी से मेरे चुचो को दबा रहा था और मेरे गुलाबी निप्पलो को मसल रहा था. उसने अप मुह को मेरे निप्पलो पर लगा लिया और उसको तेजी से चूसने लगा और उनको किसी जानवर की तरह काटने लगा. फिर उसने अपने लंड को सीधा किया और मेरे पैरो को खोल दिया और अपने लंड को एक ही बार मै पूरा का पूरा उतार दिया. मेरी चुत बहुत गीली थी, तो मुझे पहले तो लंड के घुसने का पता ही नहीं चला; लेकिन कुछ सेकंड के बाद, मेरी हालत ख़राब हो गयी, मुझे लगा; कि मेरे अंदर किसी गरम-गरम लोहे की रोड गुसा दी हो. मै दर्द में तड़प रही थी और वीरू अपनी गांड को बिना रुके झटके मारे जा रहा था. कुछ देर तो मुझेदर्द हुआ, लेकिन उसके बाद मुझे मज़ा आने लगा और मेरी मेरे मुह से गरम आवाज़े निकलने लगी और और मै भी अपनी गांड हिलाकर वीरू का साथ देने लगी. मुझे तो पता ही नहीं चला, कि मै कितनी बार झड़ गयी, लेकिन जब वीरू झड़ने वाला था, तो उसने अपने धक्के तेज कर दिया और अपने गरम लावा मेरी चूत में भर दिया. वीरू ने जल्दी से अपना लंड निकाला और अपना सारा पानी मेरी चूत से पूछ दिया और कपड़े पहनकर चले गया. मै इंडियन लड़की नंगी बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पड़ी रही. उस दिन, वीरू ने मुझे मज़े लेकर चोदा और उसके बाद तो जो लंड मुझे पसंद आया, मैने उससे चुदवाया.

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