पति ने रंगों हाथो पकड़ लिया

पति ने रंगों हाथों लकडी लिया। हे मेरे दोस्तों, आपको बता दूं कि मेरी शादी को हुए एक ही साल हुआ था. अब में अपने ऑफिस में ही हमेशा कम्पूटर पर बैठकर चेट कर रहा था और एक दिन मेरी यह मेहनत रंग भी ले आई. फिर एक दिन मुझे एक आंटी मिली जो एक शादीशुदा औरत थी. उनका नाम रीता शर्मा था, उनसे रोज ही मेरी कई कई घंटे चेटिंग होने लगी थी. फिर दिन गुजरने के साथ साथ हमारे बीच दोस्ती होने लगी थी और एक दिन मैंने उनको अपनी कुछ फोटो भेजी और उनकी भी फोटो माँगी और उन्होंने भी मुझे अपनी फोटो भेज दी.

दोस्तों मैंने देखा कि उस फोटो में वो आंटी मुझे थोड़ी मोटी नजर आ रही थी और उनका रंग भी सांवला था, लेकिन उनके बूब्स आकार में बहुत बड़े थे और उनकी गांड भी बहुत भारी थी. अब में वो फोटो देखकर उनकी गांड मारने की बात मन ही मन सोचने लगा था और फिर उसके बाद हम दोनों एक दो बार बाहर होटल रेस्टोरेंट पर भी मिले और फिर उसके बाद हम लोग खुलकर एक दूसरे से सभी तरह की बातें करने लगे थे.

फिर उसने मुझे बताया कि रमेश नाम का एक लड़का उसके पड़ोस में रहता था, जो अपने कॉलेज की पढ़ाई करने आया था. उस लड़के ने उनको कई बार चोदा, लेकिन अब जब से वो लड़का वापस अपने घर चला गया है तब से वो बिल्कुल अकेली पड़ गयी है. अब वैसे पड़ोस के एक दो लोग उस पर अपनी गंदी नज़र हमेशा रखते है और उनको बहुत घूर घूरकर देखते है और उनको अच्छी तरह से पता है कि वो सभी उनसे क्या चाहते है? फिर भी, लेकिन वो उनसे नहीं करवाना चाहती है.

अब हम दोनों ज्यादा आगे बढ़ने लगे थे, क्योंकि वो उसके पति की नौकरी बाहर और कभी कभी अपने घर आने की वजह से अपनी बड़ी बहन के साथ रहती थी और में अपनी पत्नी के साथ. अब हम दोनों ही किसी ऐसी जगह को तलाशने लगे थे जहाँ पर हम दोनों अपने मन की इच्छा चुदाई के जमकर मज़े लेकर पूरी कर ले, लेकिन डरते थे कहीं पकड़ ना लिए जाएँ क्योंकि आजकल बहुत सारे ऐसे काम होने की वजह से सभी जगह पर पुलिस की बहुत सख्ती थी. दोस्तों उन दिनों पुलिस हर एक होटल ऐसी जगह पर बहुत ध्यान देती और ऐसे कुछ कुंवारे शादीशुदा जोड़े वो पकड़ भी चुके थे.

फिर एक दिन उसने मुझे बताया कि उसकी बहन और उसका पति तीन दिन के लिए बाहर देहरादून किसी शादी में आज ही दोपहर को जा रहे है और जब तक वो दोनों नहीं आते में अपने घर में अकेली ही रहूंगी, हमें इससे अच्छा मौका दोबारा क्या पता कब मिले, इसलिए हमे इसका पूरा पूरा फायदा उठा लेना चाहिए. अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश था और उसके घर में जाकर मिलने उसके साथ कुछ भी करने पर हमें किसी भी बात की कोई चिंता भी नहीं थी, हम दोनों अपनी मर्जी से कुछ भी वहां पर कर सकते थे.

फिर हम दोनों ने अगले ही दिन दोपहर के समय मिलने का विचार बना लिया और में पूरा दिन उसको मिलने उसके साथ चुदाई करने की बात को सोच सोचकर बहुत उत्साहित था और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था. अब में सुबह अपने ऑफिस ठीक समय पर चला गया और में वहां पर जाकर कुछ देर बैठ गया. फिर उसके बाद में अपनी तबीयत खराब होने का झूठा बहान बनाकर वहां पर अपने घर जाने की बात कहकर ऑफिस से अपने घर के लिए निकल गया. फिर में वहां से खुश होता हुआ सीधा अपनी आंटी के यहाँ पहुँच गया और दरवाजा बजाते ही तुरंत आंटी ने खोल दिया, मैंने देखा कि वो मेरा वहां पर बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही थी.

हम दोनों ने मिलते ही एक दूसरे को सबसे पहले कुछ देर चूमना चाटना शुरू किया. अब मुझे पता चला कि वो बड़ी मस्त हॉट सेक्सी होने के साथ साथ बहुत ही अनुभवी औरत भी थी, वो मुझे लगातार चूमती मेरे बदन को सहलाकर मुझे गरम कर रही थी. अब हम दोनों बिना देर किए पूरे नंगे हो गये और मैंने तुरंत ही अपना लंड बाहर निकालकर उसके हाथ में पकड़ाकर में उसके बूब्स को चूसने सहलाने लगा था.

इससे पहले मैंने इतने बड़े बूब्स कभी पूरे नंगे नहीं देखे थे, इसलिए मेरा लंड बहुत ही कम समय में तुरंत ही सख्त हो चुका था. अब मैंने उसको नीचे लेटा दिया और उसकी जांघो को अपनी जीभ से चाटने लगा था और उसने अब भी मेरे लंड को ज़ोर से पकड़ रखा था. फिर मैंने कुछ देर उसके चूत और आसपास के हिस्से को अपनी जीभ से चाटकर उसके जोश को पहले से ज्यादा बढ़ाकर उसको पागल होने पर मजबूर कर दिया.

मैंने कुछ देर यह सब करने के बाद उसकी चूत में अपने लंड को डाल दिया, मेरे एक हल्के से धक्के में ही मेरा पूरा पूरा का लंड उसकी चूत की गहराईयों में फिसलता हुआ चला गया. अब में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उसकी चुदाई करने लगा था और उसके जोश को देखकर बड़ा चकित था, कि मेरे हर एक धक्के के साथ वो भी धक्के लगा रही, लेकिन में ज्यादा जोश की वजह से बस पाँच मिनट में ही झड़ गया.

अब ऐसा होने की वजह से मेरा मन बहुत खुश था, क्योंकि में चूत को धक्के मारने के बाद जब उसकी गांड मारूँगा, तब ज़्यादा देर तक उसके मज़े लेता रहूँगा. अब वो मुझसे कहने लगी कि उसको टॉयलेट जाना है और नहाना भी उसके बाद ही दूसरी बार कुछ करेंगे और फिर वो बाथरूम में चली गयी. फिर में भी थोड़ी देर के बाद बाथरूम में चला गया, मैंने सोचा कि में भी उनके साथ ही नहाने के मज़े ले लूँ. अब मैंने अंदर जाकर देखा कि वो टॉयलेट की सीट पर बैठी हुई है, हम दोनों उस समय पूरे नंगे थे.

उसको इस तरह से बैठे देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और में आगे बढ़कर अपने खड़े लंड को उसके मुँह के सामने ले जाकर खड़ा हो गया और उसके होंठो को छूने लगा था और कुछ देर मेरे ऐसा करने के बाद ही उसने अपने मुँह को खोलकर मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और वो चूसने लगी थी. अब में उसके गालों को सहलाने लगा था और थोड़ी ही देर में मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया और उसने मेरे वीर्य को अपने अंदर नहीं लिया तो उसको अपने मुँह से बाहर निकालकर नीचे टपकाने लगी थी.

अब में यह सब देखकर बहुत ही रोमांचित हो रहा था, फिर वो थोड़ी देर में उठी उसने पानी से अपनी गांड को धो लिया और फिर उसके बाद हम दोनों साथ में नहाने लगे. अब हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत दिल से खुश होकर नहलाया. फिर मैंने उसकी गांड को बड़ी अच्छी तरह से साफ किया और यह काम करते हुए बीच बीच में थोड़ी सी अपनी उंगली भी मैंने उसकी गांड डाली, लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं कहती, बस मेरी तरफ मुस्कुराकर देखने लगती. तभी अचानक से उसकी नज़र दरवाजे की तरफ चली और उसने चीखकर पास ही पड़ी एक चादर से अपने मुँह को ढक लिया.

अब मैंने भी पीछे घूमकर देख तो वहाँ पर एक काला सा लंबा हट्टाकट्टा आदमी खड़ा हुआ था जो कि दिखने में 50 साल के करीब था. अब उसने मुझसे पूछा कि कौन हो तुम? मैंने भी उसको पूछा कि तुम कौन हो? तब उसने मुझे बताया कि वो उस औरत का पति है जो कि बेंक में कोई जरूरी चेक जमा करवाना भूल गया था, इसलिए सुबह ही देहरादून से वापस आकर सबसे पहले बेंक जाकर अपना काम खत्म करके वापस अब अपने घर पहुँचा है. फिर वो बोला रीता मेरी तरफ देखो और तुरंत उसने उसकी तरफ देखा, लेकिन उसके चेहरे से मुझे वो डर साफ साफ नजर आ रहा था.

अब वो उसको कहने लगा कि में तुम्हारी ज़रूरत को अच्छी तरह से समझता हूँ बल्कि ना जाने कब से में तुम्हारे साथ यह सब करने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन तुम्हे मेरे साथ वो मज़ा ना जाने क्यों नहीं आता? फिर वो इतना कहकर बाहर पलंग पर जाकर बैठ गया और फिर हम दोनों भी बाथरूम से निकलकर बाहर आ गए. अब उसने उसकी जांघो में हाथ डाल दिया और फिर वो मुझसे बोला कि तुम्हे शायद पता नहीं है में पुलिस में हूँ और में तुम्हे बंद भी करवा सकता. अब में उसकी बातें सुनकर बहुत ही डर चुका था और फिर में उसको कहने लगा कि जैसे आप मुझसे कहोगे में ठीक वैसा ही करूँगा.

वो मुझसे उसके कपड़े उतारने के लिए बोला और मैंने आगे आकार उसकी शर्ट और पेंट को भी तुरंत उतार दिया. अब मैंने देखा कि उसका लंड पहले से ही खड़ा हो चुका था जो उसकी अंडरवियर में टेंट बना हुआ मुझे साफ नजर आ रहा था और फिर मैंने जब उसकी अंडरवियर को उतारा तब देखा कि उसका लंड लम्बाई में करीब सात इंच का था और वो बहुत मोटा भी था. अब उसने मुझे अपना लंड पकड़ा दिया और मुझसे बोला कि तुम धीरे धीरे इसकी मुठ मारो और फिर मैंने वैसा ही किया. अब उसने रीता को चूमना शुरू किया और उसके कुछ देर बाद वो उसको बोला कि तुम जाकर वैसलीन लेकर आओ.

अब में तुरंत समझ गया कि वो अब जरुर रीता की गांड मारेगा. यह सब देखकर मेरा भी लंड एकदम पूरी तरह से जोश में खड़ा हो गया. फिर रीता के कुछ देर बाद वैसलीन लेकर आते ही उसने मुझसे बोला कि तुम इस वैसलीन से मेरे लंड पर मालिश कर दो. अब मैंने उसके लंड की वैसलीन लगाकर मालिश करके एकदम चिकना लंड उसका कर दिया. फिर उसने मुझे पकड़कर बिस्तर पर हल्का सा धक्का देकर गिरा दिया, क्योंकि वो मुझसे बहुत ताकतवर था.

अब में यह सब देखकर बहुत डर गया और समझ भी गया कि आज सब कुछ उल्टा हो गया, में अब तक रीता की गांड मारने की बात सोचकर खुश हो रहा था, लेकिन यहाँ तो अब मेरी गांड ही दाव पर लगी थी. अब वो मेरी गांड में अपने लंड को डालकर उसको जरुर फड़ेगा, यह बात सोच सोचकर मेरे माथे से पसीना बहने लगा था. फिर मैंने उसको बहुत बार बोला कि में ऐसा बिल्कुल भी नहीं हूँ जैसा आप सोच रहे है शायद आपको मेरे बारें में कोई गलत बात समझ आ गई है. अब वो हंसते हुए मुझसे कहने लगा कोई बात नहीं है, आज में तुम्हे वैसा ही बना दूँगा, देखना तुम्हे मेरे साथ यह सब करके बड़ा मज़ा अब आने वाला है.

फिर उसी समय मैंने उससे बोला कि अगर तुम रीता को इतना चाहते हो तो उसकी क्यों नहीं मारते? तभी वो बोला कि रीता की तो अब में जब भी मेरी मर्ज़ी होगी ले लूँगा, लेकिन तेरी तो में अभी आज ही लूँगा और फिर उसने इतना कहकर मेरी गांड में बहुत सारी वैसलीन लगाई और फिर वो मेरे ऊपर लेट गया.

अब वो अपने लंड को मेरी गांड के अंदर डालने की कोशिश करने लगा था, लेकिन मैंने अपनी गांड को भींचकर कर पहले से भी बहुत ज्यादा टाईट कर लिया था, जिसकी वजह से उसका लंड मेरी गांड में घुस ही नहीं रहा था. उसने अपना पूरा दम लगाया और फिर उसने अचानक से मुझे तीन चार जोरदार थप्पड़ इतनी ज़ोर से मारे कि उसकी वजह से मेरा सर ही घूम गया और मुझे अपनी गांड में इतना दर्द हुआ कि में बता नहीं सकता. दोस्तों उसने सही मौका देखकर अपने लंड को मेरी गांड में डाल दिया, मेरी गांड को फाड़ ही दिया था और फिर वो ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा था, उसका लंड बहुत ही सख्त था. अब मुझे लगा कि जैसे में उस दर्द की वजह से मर ही जाऊँगा और फिर उसने कुछ देर बाद इतनी ज़ोर से धक्के मारे जिसकी वजह से अब उसका पूरा लंड मेरी गांड के अंदर चला गया था.

अब में उस दर्द की वजह से मचल गया और ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था, इसलिए में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता वो कैसा दर्द था? वो अब मेरे दर्द को देखकर धीरे धीरे अपने लंड को मेरी गांड से अंदर बाहर करने लगा था और कुछ देर बाद मेरा दर्द भी कम हो रहा था और मुझे बड़ा ही अजीब सा लगने लगा था और थोड़ी ही देर के बाद मुझे भी मज़ा आने लगा था और मेरा मन कर रहा था कि वो ऐसे ही करता ही रहे. अब मेरा लंड भी नीचे रगड़ खा रहा था और तनकर एकदम सख्त हो चुका था.

मेरे लंड को देखकर रीता ने नीचे अपने एक हाथ को डालकर मेरा लंड सहलाना शुरू किया और अब मुझे अपनी गांड मरवाना बड़ा अच्छा लगने लगा था और नीचे से मुठ मरवाना भी मेरे मन को खुश कर रहा था. अब में जोश मस्ती की वजह से मदहोश हो गया, क्योंकि मुझे ऐसा सुख पहले कभी नहीं मिला था, मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था और फिर मेरा वीर्य धीरे धीरे रुक रुककर बाहर निकलने लगा था. दोस्तों रीता ने भी मेरी मुठ मारना चालू रखा और उसका पूरा हाथ मेरे वीर्य से भरा हुआ था. वो मेरे चिकने लंड को अपने हाथ से लगातार सहला रही थी. फिर उसके पति ने ज़ोर से हुंकार भरी और झड़ते हुए अपने वीर्य को मेरी गांड के अंदर ही छोड़ दिया, जिसकी वजह से में खुशी से मचल गया.

अब वो मेरे पास में लेटकर ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगा और में भी रीता के बूब्स में अपना मुँह डालकर वैसे ही लेट गया, में उसके बूब्स को सहलाते हुए एक निप्पल को अपने मुहं में भरकर चूसने लगा था. ऐसा करने में मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था. दोस्तों यह था मेरा वो सच और मेरे साथ घटी उस घटना का सीधा सीधा सच जिसको में आप सभी तक पहुँचाने के बारे में बहुत समय से सोच रहा था और आज मैंने बता भी दिया कि मेरे साथ क्या और कैसे हुआ.