मौसी के मजे बैडरूम में

लमौसी के बदन के मजे बदरूम में ले लिए। दोस्तों मेरी एक मौसी हैं और वो अक्सर मुझेउस समय अपने घर बुलाया करती थी। पर मैं हमेशा उनके घर नही जा पता था. मेरे कॉलेज में मेरे दोस्त भी हैं और मैं 12 में पढता हूँ. मेरे पेपर भी आ रहे थे तो मैं अपने पेपर की तैयारी कर रहा था. उस टाइम मेरी मौसी मुझे अपने यहाँ आने के लिए कह रही थी. तब मैंने मौसी से कहा की मौसी मेरे एग्जाम आने वाले है और जब मेरे एग्जाम हो जायेंगे तो मैं पक्का आऊंगा तो मौसी ने कहा ठीक है. तुम अच्छे से पढो और पास हो जाओ फिर आना और फोन रख दिया. दोस्तों मैंने अपनी मौसी को 5 सा पहले देखा था और उन्होंने मुझे तब से न हीं मैंने मौसी को देखा है न ही मौसी ने मुझे देखा है.

फिर मैं अपनी एग्जाम की तैयरी करने लगा और कुछ दिनों में मेरे एग्जाम भी आ गए थे. मैं एग्जाम देने चला गया क्यूंकि मेरे पेपर दुसरी जगह पर हो रहे थे और मेरे दोस्तों के दूसरी जगह उस बार मेरे कॉलेज का सेन्टर दो कॉलेज में गया था. मैं रूम लेकर अकेले ही रह रहा था और जो मेरे दोस्त थे. वो साथ में रहते थे. मैं यहीं सोचता था की ये पेपर कितनी जल्दी ख़त्म हो जाये और मैं घर जाऊ. फिर धीरे धीरे मेरे भी एग्जाम ख़त्म हो गए और मैं अपने घर चला गया.

फिर एग्जाम के बात तीन महीनो की छुट्टी होती है और उन दिनों मेरा मन हुआ की कहीं घूम कर आता हूँ तो मैंने सोचा की मौसी बहुत दिनों से बुला रही है. उनके यहाँ ही घूम आता हूँ. मैंने उस दिन मौसी को फ़ोन किया और कहाँ मैं आज निकल रहा हूँ तुम्हारे यहाँ आने के लिए और फिर मैं उनके घर के लिए निकल गया.

फिर मैं मौसी के यहाँ पहुच गया पर मुझे उनका घर नही पता था. तब मैंने मौसी को बतया की मैं यहाँ पर खड़ा हूँ कोई घर हो तो भेज दो तो वो बोली की थीक है. मैं अपनी ननद को भेज रही हूँ.

उसके 5 मिनट बाद ही एक लडकी ने मुझे फ़ोन किया और बोली किस तरह के कपडे पहने हो तो मैंने उसे अपने बारे में बतया. तब एक लड़की आई दोस्तों वो दिखने में मस्त लग रही थी. फिर मैं उसके साथ मौसी के घर गया. जब मैंने मौसी को देखा तो मैं उनको देखता ही रह गया. वो जितनी अच्छी शादी के पहले लगती थी. अब तो उससे भी ज्यादा अच्छी लग रही हैं और उनका मस्त सेक्सी फिगर उनके मस्त बूब्स थे और उनकी गांड तो पहले से ज्यादा बड़ी हो गयी थी.

फिर मौसी ने मुझे बैठाया और फिर चाय लाई और खाने के लिए नमकीन बिस्केट और कुछ चीजे थी. मैं खाने के बाद मौसी से पूछा की मौसा जी कहाँ है. वो बोली की वो तो काम करने की वजह से बाहर ही रहते हैं साल में 4 -5 बार ही घर आते हैं और जब आते हैं तो 5 – 6 दिन रुकते हैं. फिर चले जाते हैं.

मैं तो इतने बड़े घर में अकेली ही रहती हूँ. तब मैंने पूछा की ये लड़की कहाँ रहती है. मौसी ने बताया की ये सामने रहती हैं और जब मैं अकेली रहती हूँ तो इसे बुला लेती हूँ. मैं और मौसी ऐसे ही बात करते रहे और फिर रात हो गयी और मैं खाना खाने के बाद सो गया. जब सुबह उठा तो ब्रस किया और नहा कर नाश्ता किया. फिर छत पर जाकर इधर उधर देखा रहा था. जब मैं नीचे गया तो मौसी ने मुझे खाना खाने को कहा. फिर मैं खाना खाने के लिए बैठा था की वो मुझे जब खाने देने के लिए झुकी तो उनके मस्त चिकने बूब्स मुझे दिखने लगे. मैं उनके बूब्स को देखने लगा. वो मुझको बूब्स देखते हुए देख लिया और हँसती हुई अन्दर चली गयी.

इस तरह से मुझे वहां पर 8 दिन हो गए थे और वो मुझसे मजाक में कभी कभी मेरी गांड में हाथ लगा देती थी. मैं भी उनकी गांड में हाथ लगा देता था. वो ये देखकर हँसने लगती और मेरे माथे पर किस भी कर देती. मैं समझ गया की ये मुझसे चुदना चाहती हैं पर मैं उनसे ये कह नही सकता था. मैं उनके कहने का इंतजार कर रहा था.

फिर उस रात में वो मेरे पास आई और उस टाइम वो साड़ी पहने हुई थी. वो मेरे पर बैठ कर मेरे हाथ को पकड कर अपनी जांघों पर रख कर सहलाने लगी. मैं अपना एक हाथ उनके बूब्स पर ले गया और धीरे से दबा दिया. वो मेरे साथ ऐसे ही 20 मिनट तक मस्ती करती रही.

फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गयी और मैने उनकी साड़ी उतार दी तो वो मेरे सामने ब्लाउज में आ गयी. मैंने उनके ब्लाउज और पेटीकोट को भी खोल दिया तो वो मेरे सामने ब्रा और पेंटी में आ गयी थी. मैंने उसके एक दूध को अपने हाथ में पकड कर कहा की आप के दूध कितने बड़े हैं. वो बोली की हाँ कुछ करके देखो मज़ा आयेगा. मैं उनके एक दूध को ब्रा के ऊपर से ही मुंह मे रख लिया और चूसने लगा. मैं उनके बूब्स को चूसने के साथ में उनकी ब्रा भी खोल दी और उनके दूध उछल कर मेरे सामने आ गए. तब मैं उनके एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा. वो मेरे सर को पकड कर सहलाने लगी. मैं उनके एक दूध को मुंह में रख कर चूस रहा था और दुसरे को हाथ से पकड कर मसलते हुए दूध के निप्पल को घुमा घुमा कर चूस रहा था. मैं उनके दूध को चूसने के साथ में उनकी होठो को भी मुंह में रख कर चूसने लगा. जब मैं उनकी पतली और रसीली होठो को चूसने लगा.

वो भी मेरी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगी. मैं उनकी होठो को ऐसे ही कुछ देर तक चूसने के बाद मैंने उनके बूब्स को पकड कर जोर से मसलते हुए मुंह में रख लिया तो उनके मुंह से मस्त सेक्सी आवाजे में आ आ आ आ…. उ उ उ उ उ… ह ह ह ह ह.. अ अ अ अ अ…. उई उई उई माँ माँ माँ….. की आवाजे निकल गयी. फिर मैंने उनकी पैंटी को निकाल कर उनकी टांगो को थोडा सा चौड़ा करके उनकी चूत में थूक लगाकर उनकी चूत के मुंह पर अपने लंड को रख कर उनकी चूत के ऊपर अपने लंड को रगड़ने लगा. वो उ उ उ उ उ… ह ह ह ह ह.. अ अ अ अ अ…. उई उई उई माँ माँ माँ….. की सिसकियाँ लेती हुई बिस्तर को कस के पकड लिया. मैं उनकी चूत के ऊपर लंड को रगड़ते हुए उनकी चूत में एक ही धक्के में अपने लंड को आधा घुसा दिया तो उनके मुंह से चीख निकल गयी. मैं उनकी चूत में अपने लंड को जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए उनको चोदने लगा. वो अपने बूब्स को सहलाती हुई उ उ उ उ उ… ह ह ह ह ह.. अ अ अ अ अ…. उई उई उई माँ माँ माँ….. कर रही थी. मैं उनकी कमर को पकड कर अपनी और खीच लिया और जोर जोर के धक्को के साथ अन्दर बाहर करने लगा. वो पुरे बिस्तर पर इधर उधर होती हुई तडप रही थी. मैं उनकी चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए उन्हें चोद रहा था. मैं उनके दोनों बूब्स को पकड कर चूत में जोर जोर से अन्दर बाहर करते हुए चोद रहा था. वो मेरी होठो पर किस करती हुई चुद रही थी.

मैं उनको ऐसे ही कुछ देर तक चोदने के बार में झड गया. वो बोली की मेरी चूत में ऊँगली डाल कर जोर जोर से हिलाओ और मैं उनकी चूत में ऊँगली डाल कर जोर जोर से हिलाने लगा फिर कुछ ही देर में उनकी चूत से पानी की धार निकल गयी. फिर मैं और मेरी मौसी ऐसे ही सो गए जब मैं सुबह उठ तो उनके खुले बदन को देखकर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मैं उनको सुबह फिर चोदा इस तरह से मैं जब तक मौसी के घर रुका उतने दिन रोज उनकी मस्त चुदाई की.

ये थी मेरी कहानी मुझे उम्मीद है की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी.