होली का मजा 

Desi sex kahaniya, new sex stories in hindi, देसी दोस्तों रिधिमा जो की मेरे से 2 साल छोटी है। कद उसका ज्यादा लम्बा नहीं है पर देखने में किसी भी हीरोइन से कम भी नही हैं। क्योंकि वो इंग्लिश मध्यम स्कूल से पढ़ी है इसलिए बोलचाल से सबको प्रभावित करती है। अपने बारे में बता दूँ, मैं प्रतीक एक मल्टीनेशनल कंपनी में दिल्ली एनसीआर में पोस्टेड हूँ। मैं एक साधारण कद काठी का आदमी हूँ मेरी बीवी सुधा एक बहुत ही सुन्दर और आकर्षक महिला है । उसकी उम्र ३२ साल की है और वो मुझसे सिर्फ़ २ साल छोटी है उसके नैन नक्स काफी तीखे और रंग गोरा है उसकी हाइट ५ फीट ३ इंच है बोलचाल बहुत प्रभावशाली है क्योंकि उसने अंग्रेजी मध्यम से पढ़ाई की है वो न सिर्फ घर में बल्कि सोसाइटी में भी काफी पोपुलर है उसके स्टेटिस्टिक्स ३६”३०”३६” हैं जो भी उससे मिलता बिना प्रभावित हुए बिना नहीं रहता था |
गोरा रंग गोल चेहरा सुराहीदार गर्दन झील सी गहरी ऑंखें सुडौल कपडे से दिखते वक्ष स्थल ,गहरी नाभि ,उभरे हुए पिछवाड़े, मांसल जांघें ,हिरनी जैसी चाल बरबस किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेतीं थीं घर और बाहर दोनों के युवा खास कर उसके मुरीद थे वो किसी से कुछ भी कहती वो उसकी बात मान लेते थे असल में वो थी ही इतनी अच्छी सबका मन मोह लेती थी सबकी मदद करना उसके स्वभाव में था
युवा लड़के लडकियों में सुधा भाभी का जलवा था कोई भी प्रॉब्लम होता सुधा भाभी चुटकी में हल कर देती थीं कोई शादी हो या कोई फंक्शन हो सुधा काफी एक्टिव रहती थी वो मॉडर्न ख्यालों की थी पर संस्कारों वाली थी उसके फ्रैंक होने के वजह से यंग लड़के लड़की कभी कभी थोड़े फ्री हो जाते थे कोई हरकत कर देते तब वो उन्हें समझाती और सही रास्ता दिखाती वो उन्हें कभी भटकने नहीं देती थी पर उसकी सुन्दरता उसकी सादगी जवानों का क्या बल्कि अधेड़ भी अपने को जवान समझने लगते थे वो किसी घर में जाती जवान और अधेड़ चुपके चापके उसे निहारा करते थे |
और मंत्र मुग्ध हो कर उसकी बात सुनते थे उनकी निगाहें न सिर्फ उसके आकर्षक व्यक्तित्व बल्कि उसके सुन्दर बदन का भी पीछा करती थीं वो जब जाती थी तो लोग पीछे से भी उसके बदन को निहारा करते थे मैं तो ऐसी सुन्दर और अच्छी पत्नी पा कर काफी खुश था एक तरह से अच्छा भी लगता था की सुधा को लोग काफी पसंद करतें हैं और उसकी सुन्दरता की बात भी करते हैं |
पर मुझे काफी जलन भी होता की जब कोई स्मार्ट आदमी उससे बात करता और उसे निहारता और कभी कभी गलती से उसके अंगों को छु देता मेरे तन बदन में सिहरन सी हो जाती थी वैसे हमारी सेक्स लाइफतो साधारण थी पहले तो रोज हम सेक्स करते थे पर बाद में काम के वजह से मैं उस पर ध्यान नहीं दे पाता था

और हफ्ते में एक दो बार ही हमारा मिलन हो पाता था वो तो एक बहुत ही खुबसूरत औरत थी और लोगों की घूरती निगाहें जरूर वो प्यासी रह जाती होगी मुझे ऐसा लगता था

लेकिन तारीफ करनी पड़ेगी की उसने कभी शिकायत नहीं किया वो चाहती थी मुझे अपने हुस्न का प्याला पिलाना लेकिन मैं मुर्ख अपने काम में ही बिजी रहता था |
उसका पति ही इंटरेस्ट नहीं लेता था कितनी अभागी थी वो की वो कई कई दिनों तक जीवन के इस सच्चे सुख का उपभोग नहीं कर पाती थी मैं कभी कभी सोचता की यदि किसी और से उसकी शादी होती तो उसे कितना मजा आता और वो उसे कितना प्यार करता और ऊसकी रोज कई कई बार चुदाई करता मुझे कभी कभी अपराध बोध होता तो मैं उसके पास जाता और प्यार करने की कोशिश करता पर वो बोलती की रहने दो लगता है तुम थके हुए हो इसलिए मुझे सिर्फ खुश करने के लिए प्यार कर रहे हो जब पूरी तरह मन हो तभी करना मुझे अच्छा लगेगा मेरे लगातार बढ़ते काम के बोझ के वजह से सुधा की दुरी मुझसे बढ़ने लगी

अब वो दुसरे दुसरे कामो में अपने को बिजी रखने लगी घर में मेरे चचेरे ममेरे भाई बहनों की वो लाडली भाभी थी वो उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगी उनके साथ मार्किट जाती तरह तरह का मनोरंजक गेम खेलती फिल्म देखती म्यूजिक सुनती उनके प्राइवेट लाइफ की बातें भी शेयर करतीं इसी तरह से उसका टाइम पास होने लगा.
मैं भी खुश था की चलो वो खुश तो है उनके साथ गए एक दिन होली का दिन था मेरे घर पर काफी रौनक थी कारण सुधा भाभी का अच्छा व्यव्हार और उनका हंसमुख स्वभाव मेरे सारे भाई बहनों ने प्लान बनाया कि इस बार सुधा भाभी को रंग में सराबोर कर देना है कुछ आस पड़ोस के लड़के लड़की भी सुबह से ही आ गए मेरा एक ममेरा भाई विक्की जो की काफी हैंड्सम था और सुधा भाभी का लाडला था वो भी आ गया सुधा बहुत खुश हुई उसे देख कर सबका एक ही लक्ष्य था हंसती खिखिलाती सुधा के संग होली खेलना और खूब मस्ती करना
हम लोग भी तैयार थे रंगों का त्यौहार मानाने को मेरे दोस्त भी नियत समय पर आ पहुंचे रंगों की बाल्टी तैयार हुई घर के आँगन में एक पानी का टैंक था उसीमे रंग डाल दिया गया लोग एक दुसरे से रंग खेलने लगे सुधा नास्ते की ट्रे और भांग की ठंडाई ले कर आई और सबको पेश की सभी ने पहले नास्ता किया ठंडाई पी और मस्त हो कर फिर रंग खेलने लगे

मेरे भाई लोग और मेरे दोस्तों ने सुधा को रंग लगाना शुरू किया सबों ने सुधा को भींगा डाला लोगों ने सुधा की लाइट कलर की साडी जो काफी भींग गयी थी और उसका पूरा बदन दिख रहा था उसकी चूचियां ठन्डे के वजह से तन गयी थीं उसका गांड भी काफी प्यारा लग रहा था

पानी की बूंदें उसके गुलाबी गाल को और मादक बना रहे थे सबों ने उसके पुरे बदन पर रंग लगाना शुरू कर दिया पड़ोसियों की तो चाँदी हो गयी कोई उसके पेट और नाभि से छेड़छाड़ करने लगा

तो पड़ोस के एक लड़के ने तो सुधा की तनी हुई चुचियों पर रंग लगाने के बहाने दबाना शुरू कर दिया मेरे एक दोस्त ने कहा बुरा न मानो होली है और सीधे पीछे जा कर सुधा की गांड में अपना लंड सटा दिया और बाहर से ही हिलाने लगा मेरे भाई भी कहाँ कम रहने वाले थे वो भी अपनी भाभी की चुचियों को मलना शुरू कर दिए एक ने तो उसकी ब्लाउज फाड़ डाली और उस की चुचियों में मुंह भी लगा दिया |
मेरे दोस्त ने पीछे से उसकी साड़ी उतार कर सुधा के गांड में लगा कर पेटीकोट के ऊपर से ही पूरा लंड अन्दर बाहर करने लगा सुधा उनके चंगुल से छुटना चाही पर वो कैसे बचती मेरे दोस्त ने तो

अब उसकी चूची के निप्पलस खीचने शुरू कर दिए सुधा ने उनसे रिक्वेस्ट किया प्लीज मुझे जाने दो वो घबरा गयी थी और रोने लगी थी उसके तन बदन में आग लग गयी थी इधर मेरा लंड भी खडा हो गया ये सब देख कर मुझे मजा आने लगा की सुधा के बदन के ये दीवाने आज इसको निचोड़ डालेंगे |
मैंने भी कोई मदद नहीं की तब तक मेरा ममेरा भाई विक्की जो की सब देख रहा था उससे नहीं रहा गया और उसने सुधा को टांग कर कमरे में ले गया और कमरा बंद कर दिया ताकि कोई न आ पाए सुधा को राहत महशुश हुई उसने कहा एक तुम ही हो जिसे मैं इतना मानती हूँ और तुमने मेरे साथ कोई ज्यादती नहीं की विक्की ने उसे अपनी चौडी बाँहों में समां लिया सुधा भी उससे चिपक गयी
दोनों एक दुसरे को पागलों के समान चूमने लगे मैं कमरे की खिडकी से सब देख रहा था सुधा ने कहा विक्की देखो प्रतीक को भी मेरी कोई चिंता नहीं है उसने भी मुझे उन भेडियों से नहीं बचाया तुम एक सच्चे हीरो हो जो की औरतों की इज्ज़त करते हो ये सुन कर विक्की की हिम्मत बढ़ गयी बोला जाने दो भाभी आज होली है बुरा न मानो होली है उन्हें माफ़ करो उसकी उँगलियाँ धीरे धीरे सुधा की चुचियों पर चली गयीं
उसने कहा की भाभी आज की बात का बुरा नहीं मानते मैंने तो आप को इसीलिए लाया की आप का नंगा हुस्न मुझे पागल कर दिया मैंने मन बना लिया की आज मैं सुधा डेरी का दूध जरूर पियूँगा,

ये कह कर उसने सुधा की चुचियों में मुह लगा दिया और उन्हें बेतहासा पिने लगा सुधा ने बोला की विक्की तुम भी तो विक्की बोला की भाभी तुम हो ही इतनी हसीन की किसी का मन डोल जाये विक्की ने कहा की मुझे बर्दास्त नहीं हुआ की मेरी प्यारी भाभी को दुसरे हाँथ लगायें मेरे रहते मैं तो आपका लाडला देवर हूँ इस नाते आप पर मेरा हक है न ये कह कर विक्की अपनी सुधा भाभी के पेटीकोट के नाडे को खोल डाला
सुधा अब पिंक कलर की चड्डी में आ गयी थी विक्की ने सुधा की आधी खुली ब्लाउज और ब्रा को उसके बदन से हटा दिया सुधा भागने की कोशिश की पर विक्की ने उसे पीछे से पकड लिया और चुचियों को गोलाई में लेते हुए मलने लगा सुधा ने कहा वो तो मुझे ऊपर से ही छु छा कर रहे थे लेकिन तुम तो पूरी की पूरी सुधा को ही अपने आगोश में लिया हुआ है इस बार विक्की ने सुधा की पैंटी के ऊपर से उसके गोल गोल गांड को दबाना शुरू कर दिया.
उसने सुधा को बेतहाशा चूमना शुरू किया सुधा की जीभ को अपने मुंह में लिया और लगा चुभलाने सुधा ने कहा देवर जी ये पाप है इस पर विक्की बोला की देखो भाभी तुम्हारा डेरी फॉर्म ऐसा लगता है की तुम्हारी चूचियां लाल हो गयी हैं,

और निप्पल कैसे खडे हो गए हैं तुम्हे भी तो मजा आ रहा है ऐसा लगता है की बिलकुल वर्जिन चूचियां हैं तुम्हारी भैया लगता है तुम पर ध्यान नहीं देते विक्की अब अपनी भाभी को अपनी गोद में बैठा लिया था हालाँकि वो अभी भी जाने के लिए तत्पर थी विक्की ने सुधा से बोला मेरी प्यारी भाभी देखो न अपने इन दोनों कबूतरों को कैसे फडफडा रहे है

जवानी के आकाश में उड़ने को देखो तुम्हारी इस गहरी नाभि को क्या मस्त हैं ये अब मैं इनके अन्दर जीभ डालूँगा खूब चूसूंगा इन्हें तुम्हारी अनछुई जवानी के सागर में गोते लगाऊंगा
मेरी सुन्दर भाभी देखो तुम्हारे इस गोल और सुन्दर गांड को क्या मस्त लग रहें हैं,

ये इतना कहते हुए विक्की ने अपनी भाभी की रही सही इज्ज़त उनकी गुलाबी चड्डी को भी खोल डाला वो कहाँ मानने वाला था था तो मेरा भाई ही न भाभी पर तो उसका हक था ही चड्डी खोलते ही सुधा जिस पर जवानी की खुमारी अब पुरे शबाब पर थी और उसके नाभि के निचे उसकी चुत में भयानक हलचल मची थी |
और विक्की के चौड़े सीने से लग गई और बोली की देवर जी आपसे ये उम्मीद नहीं थी विक्की जो की सुधा की शानदार गांड को देख कर पागल हो गया और उसे अपने हाथों से मसलना शुरू कर दिया उसने कहा की भाभी अब छोडो संस्कारों की बातें देखो ये तुम्हारी गांड और तुम्हारे गांड के बीच तुम्हारे इस फुले हुए चिकने बुर को जो की रो रही है मेरा लंड लेने के किये तुम्हे दया नहीं आती देखो बिलकुल अनचुदी लग रही है

सुधा की बलरहित बुर देख कर विक्की पूरा उत्तेजित हो गया और उसकी बुर में ऊँगली करना शुरू कर दिया अब सुधा भी पुरे जोश में आ गयी थी विक्की ने अपने सारे कपडे निकाल डाले और सुधा को गोद में बैठा कर उसे अपनी बाँहों में भींचने लगा बोला भाभी मेरी प्यारी प्यारी सुन्दर भाभी आज होली के दिन मुझे पूरा प्यार कर लेने दो अपने अन्दर समा लो मुझे

सुधा ने कहा ठीक है ऊपर से जितना करना है करो तुम्हारे इस विशाल लंड जो की कम से कम ९” का है और तुम्हारे भैया के लंड का दुगना है इसका तो कोई स्कोप नहीं है मेरे बूर के अन्दर लेने का विक्की बोला कि ठीक है भाभी इसे अपने हाँथ में ले कर तो देखो खेलो इससे आगे पीछे करो,

सुधा ने जैसे ही विक्की के लंड को हाथ में पकड़ा उसे बिलकुल एक झटका लगा उसकी चुत से पानी आना शुरू हो गया था और विक्की भी पूरा पनिया गया था पहली बार मुझे ऐसा लगा की सुधा सेक्स में पूरी मस्त हो चुकी है
विक्की बोला की ठीक है मैं तुम्हारे दोनों दूध को पूरा पियूँगा तुम्हारे चुचियों के बीच लंड ले जा कर आगे पीछे करूँगा ऊपर से ही तुम्हारी गांड मारूंगा और लंड को सिर्फ थोड़ी देर तुम्हारे बुर के दरवाजे पर रखूँगा थोड़ी देर और ऊपर से ही गिरा दूंगा अपना वीर्य सुधा तो मस्ती के चरम सीमा पर थी वो तो अब किसी चीज के लिए तैयार थी सिर्फ पैतरा मार रही थी और विक्की को ललचा रही थी
विक्की ने फिर से सुधा की फुली हुई चूचियां जो की कप साइज़ की थीं को मुह में लिया और तेजी से चूसने लगा उसकी उँगलियाँ सुधा के चुत के अन्दर बाहर हो रही थीं थोड़ी देर के बाद उसने सुधा की चुचियों के बिच अपना लंड ले जा कर ऊपर निचे करने लगा और अब उसका अगला निशाना सुधा की मक्खन जैसी गांड थी |
जो की उसने तेजी से उसे मसलना शुरू किया और ऊपर से ही अपना लंड उसकी गांड के दरवाजे पर रखा विक्की की मंशा अपने लंड से सुधा की गांड मारने की थी लेकिन सुधा ने उसे रोक लिया की नहीं तुम्हारा ये विशाल लंड मेरी गांड फाड देगा और हमारी बात हुई है की सिर्फ ऊपर से ही करना है |
विक्की ने सुधा को पीछे की ओर लिटाया और ऊपर से ही उसकी गांड मारने लगा चूची दबाना तो फ्री था तो वो लगातार अपने भाभी की चुचियों को दबाने लगा अब विक्की ने कहा की भाभी वैसे तो आपकी मक्खन जैसी गांड को छोड़ने का मन नहीं कर रहा है पर जाने दो फिर सही विक्की ने सुधा को सीधे लिटा दिया और अब वो सिर्फ अपना लंड चुत के दरवाजे पे ले कर उसके क्लिटोरिस के साथ खेलने लगा उसकी चुत पूरी गीली हो गयी थी
अब विक्की ने अपने लंड को सिर्फ सुधा की गीली हो चुकी चुत पर लगाया सुधा को तो जैसे करंट मार दिया और वो छटपटाने लगी उसका मन तो विक्की के लंड को लेने का था लेकिन वो डर रही थी उसने अपनी चुत को लंड की दिशा में ऊपर नीचे करने लगी विक्की बोला की देखो भाभी तुम्हें चोद नहीं रहा हूँ,

देखो तुम्हारी चुत रानी लंड राजा से मिलने के लिए ऊपर निचे कर रही है लेकिन लंड राजा शांति बना कर रखे हैं मैं हैरान था कि कैसे मेरी पत्नी नग्न अवस्था में एक गबरू जवान के निचे पड़ी है और गबरू जवान इसे नहीं चोद रहा है मैं भी पुरे जोश में था और सेक्स के इन प्यासे खिलाडीयों का खेल देख रहा था |
मैं खुश था की आज सुधा की रियल चुदाई हो सकती थी लेकिन ये पैतरा दिखा रही है अब सुधा ने बडी तेजी से लंड की दिशा में चुत को ले जाने लगी विक्की ने लंड को चुत से हटा कर उपर किया पर मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा की सुधा अपनी चुत को ऊपर की ओर करने लगी उसने विक्की को बाँहों में लेने लगी विक्की को अब बर्दास्त नहीं हो रहा था
फिर भी उसने अपना लंड और ऊपर किया सुधा अब विक्की को अपनी ओर खींचने लगी अब फिर लंड और बुर का महा मिलन हो गया था तब तक विक्की को तेज खांसी आई और लंड का सुपर सुधा की बहती चुत में लगभग २ इंच घुस गया और सुधा दर्द से बिलबिलाने लगी विक्की ने आव देखा न ताव अपना लंड सीधे सुधा की बुर में डाल दिया अब उसका पूरा ९” का लंड सुधा की बुर में घुस गया था और विक्की जोर जोर से थाप देने लगा और बुर में अन्दर बाहर करने लगा सुधा चिल्लाने लगी विक्की ने अपनी रफ़्तार कम नहीं की और तेजी से सुधा की चुदाई करने लगा
उसने कहा की मेरी सुन्दर भाभी देखो तुम्हारा लाडला देवर कैसे तुम्हे चोद रहा है सुधा पुरे जोश में थी और उसे अब मजा आने लगा था उसने कहा की मेरे प्यारे देवर आज मुझे पूरा चोदो फाड़ दो अपनी भाभी के बुर को आज मेरी दूध पूरी खाली कर दो मुंह डालो न मेरी चूची में और पूरी स्पीड से चोदो फाड़ दो बिलकुल प्रतीक तो मुझे चोदता ही नहीं पहली बार कोई मर्द मुझे चोद रहा है और चोदो न तेजी से विक्की बहुत तेजी से धक्के लगा रहा था |
सुधा की भयानक चुदाई

सुधा की बुर पर लेकिन फिर भी उसे स्पीड कम लग रही थी उनकी भयानक चुदाई देख कर मैं तो वहीँ पर मुठ मारने लगा उधर विक्की की सुधा के बुर चोदने की स्पीड इतनी तेज थी की सुधा की हालत ख़राब हो रही थी अब विक्की के लंड से वीर्य का तेज फव्वारा सुधा की बुर में भर गया ठीक उसी समय सुधा की बुर ने भी अपना रस छोड़ दिया और दोनों प्रेम खिलाडी एक दुसरे की बाँहों में समा गए
और एक दुसरे को तेजी से भींचने लगे कुछ ही देर के बाद विक्की फिर अपनी भाभी की मस्त चुचियों को चूसने लगा और सुधा से बोला भाभी अपने मक्खन जैसे गांड को भी मारने दो न एक बार सुधा बोली देवर राजा तुम्हारे लंड का साइज़ इतना बार है कि मेरे गांड को फाड़ डालेगा विक्की ने बोला की ठीक है पहले मैं तुम्हारे गांड को अपनी जीभ से चाटूंगा और ऊपर से ही लंड रख कर रखूँगा सुधा उसके गांड चाटने से और चूची दबाने से पूरी उत्तेजित हो गयी .
सुधा की गांड चाटने से पहले से ही गीली हो चुकी थी और विक्की का लंड तो गिला था ही विक्की ने अपना लंड उसकी गांड पर भिराया और थोडा रगर कर ऊपर कर लिया सुधा अपनी गांड चुत की तरह ही लंड लपकने के लिए लंड की दिशा में ऊपर की ओर उचकाने लगी,

विक्की तो अब सुधा की कमजोरी जान गया था उसने लंड ऊपर खिंचा सुधा ने अपनी गांड को और ऊपर किया अब विक्की सुधा की चुचियों को पूरी तरीके से निचोड़ना शुरू कर दिया और लंड को गांड के छेद पर टच कराया उसने कहा की बोलिए भाभी जी आपके गांड के साथ क्या सलूक किया जाये,

सुधा ने हँसते हुए कहा इसे मार दिया जाये देवर राजा गांड मारो न मेरी ठेल दो अपने मुसल लंड को विक्की बोला की भाभी तुम्हारी गांड फट जाएगी तो हमें न बोलना इतनी मक्खन जैसी गांड है भाभी कैटरिना कैफ की भी ऐसी नहीं होगी सुधा ने कहा की अब न तडपाओ विक्की अपनी सुधा की गांड मार दो अब विक्की ने मौका नहीं गवांते हुए उस चमकते हुए चिकने गांड में अपना पूरा लंड बड़ी तेजी से पेल दिया

और तेजी से अन्दर बहार करने लगा सुधा की गांड पहले से ही फूली हुई थी और वो पूरी गांड अपनी लंड की दिशा में ऊपर निचे करने लगी वो बोली अब सुधा गांडू भी हो गयी है आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |अपने स्मार्ट देवर राजा से गांड मरा कर विक्की सुधा की चूची का तो बुरा हाल कर दिया था और गांड मारते हुए वो उसी में झर गया.
सुधा भी झर गयी थी तब तक दरवाजे पर नॉक की आवाज आने लगी दोनों ने किसी तरह से कपडे पहने और अपने अंगों को सुधा की चड्डी से साफ़ किया सुधा के कपडे अस्त व्यस्त हो गए थे और उसने चड्डी भी उतार दी थी विक्की ने दरवाजा खोला और कहा की ऐसे कोई होली खेलता है मैंने भाभी को पूरा मनाया तब जा कर ये मानी सभी ने सुधा को कहा की,

भाभी बुरा न मानो होली है सुधा ने कहा की कोई बात नहीं मैंने आप लोगों को माफ़ कर दिया है मेरे दोस्त ने बेड पर पड़े हुए सुधा की चड्डी और ब्रा को देखा तो उसे समझते देरी नहीं लगी की विक्की ने चुदाई कर के सुधा को मनाया है

उसने कहा की मैं तो तब मानूंगा की भाभी ने हमें माफ़ किया की फिर से एक बार हमसे होली खेलें इतना कह कर वो सुधा को पकड़ कर फिर से उसकी चुचियों में रंग लंग लगाने लगा ब्रा उतरने से सुधा की दोनों चूचियां नंगी हो गयीं थी जिसे उसने साडी से बस ढक भर रखा था.
सभी फिर लग गए सुधा के पीछे और इस बार रंग के टैंक में उसे डाल दिया मेरे दोस्त ने जो शुरू से ही उसकी गांड के पीछे लगा हुआ था फिर से गांड में ऊँगली से छेड़ने लगा उसे मालूम था की मैडम तो अब

बिना चड्डी की हैं सुधा की हालत ख़राब हो गयी इस बार मेरे उस दोस्त ने सबको समझाया की बस अब हो गया अब छोड़ो भाभी जी को इस बार उसने सुधा को टांगा और कमरे में ले गया और कमरा लॉक कर

दिया सुधा ने बोला क्या मजाक है ये सारी जबरदस्ती की छेड़छाड़ आप ही के वजह से हुई है दोस्त ने कहा की सुधा होली के दिन तुम साडी पहनी थी वो भी लाइट कलर की पूरी नाभि दिख रही थी और चूची दिख रही थी मेरा क्या दोष है मैं मचल बैठा भाभी आप ये बताओ की आपकी चड्डी और ब्रा खुली हुई क्यों है मैं तो सब समझ गया की मनाने के बहाने आपकी चुदाई हुई है
अब मैं आपको मनाऊंगा भाभी प्लीज एक बार नंगे हो कर अपने इस खुबसूरत बदन को दिखला दो बस मैं चला जाऊँगा सिर्फ टच करूँगा और कुछ नहीं यदि आपने ऐसा नहीं किया तो आपकी ही बदनामी होगी सुधा ने कहा आप मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं चलिए एक बार सिर्फ देखना है छूना मना है |
दोस्त तैयार हो गया सुधा फिर से नंगी हो गयी दोस्त ने जब उसकी चूची और फूली हुई चिकनी गांड देखि तो बस देखता ही रह गया उसने कहा की सिर्फ इस मखमली गांड को छूने तो दो सुधा के पास कोई आप्शन नहीं था दोस्त ने जिसका लंड पूरा खड़ा था सुधा की गांड को छेड़ने लगा और चुचियों को भी दबाना शुरू कर दिया
उसने सुधा से कहा की सुधा एक किस तो ले लेने दो उसमे क्या हर्ज़ है सुधा ने मान लिया उसने सुधा को बाँहों में लिया और चुचियों को पिने लगा सुधा ने कहा की ये तो आप मेरी चूची पि रहे हैं किस थोड़े ही है ये तो उसने कहा की मुंह से कुछ भी करें किस ही तो है सुधा बेचारी हेल्पलेस थी अब दोस्त ने उसके रसीले होठों को पिने लगा.
अब उसने कहा की सुधा अब मैं तुम्हारे चुत्तरो को और पीठ को चूमुंगा तुम पीछे लेट जाओ सुधा लेट गयी दोस्त बेड पर आ गया और उसके गांड और पीठ को चूमने लगा इस बिच में उसने अपना कपडा खोला सुधा ने नहीं देखा वो सुधा के पीछे लेट गया सुधा के मखमली गांड को देख कर एकदम हैरान रह गया और अपने लंड को ऊपर से उसकी गांड की दरार में फंसा दिया
सुधा ने कहा ये क्या है तो इसने झूठ कहा की मैंने तो कपरे पहन कर लेटा हूँ आपके चुतरों पर सुधा बोली की ठीक है जल्दी किस करो मेरी गांड को दोस्त ने कहा की सुधा डार्लिंग बड़ी जल्दी है

आपको गांड को किस करने का अभी एक चीज बाकि है सुधा बताओ कौन सी चीज बची है इसके बाद सुधा ने कहा की आगे वाला दोस्त ने कहा की मैंने समझा नहीं खोल कर बताओ सुधा बोली की

अब सिर्फ मेरी बुर को चूमना बाकि है गांड के बाद उसके बाद मैं फिर दोस्त ने कहा की तुम्हारी बुर और गांड दोनों को मैं तसल्ली से चूमुंगा मेरी रानी अब दोस्त ने अपने लंड को सुधा की गांड के बिच जो उसकी चुत थी वहां लगाया.
सुधा ने फिर बोलना चाहा पर दोस्त ने पूरी गीली चुत में पीछे से अपने मोटे लंड को सीधे घुसा दिया और जोर जोर से चोदने लगा सुधा को मौका नहीं मिला कुछ बोलने का वो पूरी मस्त हो चुकी थी मेरे दोस्त ने सुधा का ग्रीन सिग्नल मिलने पर बोला की

भाभी मेरा लंड तुम्हारे बुर और गांड को चूम रहे हैं मेरी तो मूठ मारते मारते हालत ख़राब थी मैं उनकी चुदाई देखने लगा एक तो सुधा को लंड नहीं मिलता था इस होली में तो उसकी पूरी कसर निकल गयी मेरा दोस्त अब

पूरी तेजी से सुधा की चूची दबाते हुए चोदने लगा और सुधा मस्ती में बरबराये जा रही थी और तेजी से चोदो ना तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो फाड़ दो न न बुर रहेगी न चुदेगी दोस्त ने तेज धक्के लगा लगा कर उसकी गांड और बुर लाल कर दिया

और दोनों अंत में झर गए दोस्त ने कहा एक राउंड और रानी चोदने दो न सुधा बोली की नहीं अभी नहीं दोस्त ने कहा शाम में आपको मेरे यहाँ ले चलेंगे मेरी बीवी नहीं है |
प्रतीक से पूछ लेंगे तुम होली में खाना बनाने के बहाने चलना और मैं तुमको किसी बहाने से वहीँ रोक लूँगा और खूब मजा करेंगे हम दोनों असल में मेरा दोस्त चुदाई का एक्सपर्ट था और सुधा भी उसकी चुदाई पसंद कर रही थी

दरवाजे पर फिर धक्का हुआ और दोनों ने कपरे पहन कर दरवाजा खोला सभी ने एक बार फिर सुधा से माफ़ी मांगी मेरे दोस्त के पूछने से पहले मैंने उससे कहा की आज तुम्हारी भाभी रात में तुम्हारे साथ चली जाएगी तुम्हारा खाना बना देगी
वो चाहे तो रात में रुक भी सकती है तुम अकेले कैसे रहोगे सुधा तुम्हारे साथ तुम्हारा हाँथ बटायेगी सुधा भी काफी खुश थी मेरे दोस्त ने तो जिसको मनचाही मुराद मिल गयी थी सुधा जैसी शानदार माल आज उसके साथ रहने वाली थी वो ठीक आठ बजे अपनी बाइक ले कर आ गया उसने सुधा को बाइक पर बैठाया और दोनों प्रेम पंछी अपनी नई यात्रा पर निकल पड़े

सुधा जैसे ही दोस्त के घर पहुंची दोस्त ने कहा कि खाना बनाने की जरुरत नहीं है मैंने बाहर से ले आया है घर में वो अब अकेले थे दोस्त ने कमरा बंद किया और सुधा को बेतहाशा चूमने लगा उसने सुधा के कपडे खोल डाले और खुद भी नंगे हो गया
उसने कहा की सुधा आओ आज साथ में ही नहाते हैं झरने के नीचे वो सुधा को बाथरूम में ले गया और अपने बाथ टब में ले आया उसके चुम्बन से सुधा का बुरा हाल था सुधा को उसने एकदम चिपका रखा था वो उसके बदन से पूरा खिलवाड़ कर रहा था नहाने के बाद उसने कहा सुधा रानी आज मैं तुम्हें अपनी बीवी की सुहाग रात वाली साडी पहनाऊंगा तुम्हारा १६ श्रिंगार करूँगा तुम्हें अपना मंगलसूत्र भी पहनाऊंगा और तुम्हें आज की रात अपनी बीवी की तरह सुहाग रात मनाऊंगा
सुधा ने श्रींगार किया और उसकी साडी पहनी दोस्त ने फूल की भी व्यवस्था की थी सुधा को दोस्त ने मंगलसूत्र पहनाया और सुधा बेड पर पल्लू गिरा कर बैठ गयी आज तो उसकी रियल सुहागरात थी दोस्त आया और उसने पल्लू उठा कर अपनी नई नवेली दुल्हन सुधा का दीदार करने लगा
उसने उसके लब चूम लिए और धीरे धीरे उसके सारे आभूषण और कपडे निकाल डाले उसने अपनी सुधा को बाँहों में भर लिया और उसके पुरे बदन को चूमने लगा सुधा भी अपने नए पति की बाँहों को थम लिया और उसके कपड़ों को खोल डाला दोनों जवानी के धुरंधर एक दुसरे के अंगों को पुरे जोश के साथ सहलाने लगे और सुधा ने कहा
अब मत तडपाओ मेरे पति मेरे राजा अब तुम अपनी सुधा के अन्दर समा जाओ उसे पूरी औरत बना दो आज की रात ये रति अपने कामदेव को उसे पूरी तरह से तृप्त करने की आग्रह करती है

उसकी ये भाषा सुन कर मेरे दोस्त ने कहा आज तुम्हें सेक्स के सभी आसन सिखाऊंगा तुम केवल मेरा साथ मत छोड़ना ये कह कर वो टूट पड़ा उसकी चुचियों पर जो की दोनों के प्यार से पूरी तरीके से कड़ी हो गयी थीं

वो उन्हें दबाने लगा और घुंडी को पकड़ कर खींचना शुरू कर दिया सुधा बडबडाने लगी उसने कहा मेरे सरताज मेरे पुरे बदन को चूमो और मेरे दोस्त ने उन्हें पीना शुरू कर दिया |
वो उसकी चिकनी फूली हुई चुत के क्लिटोरिस को चेरने लगा और सुधा से बोला की इस बार मैं डौगी स्टाइल में तुम्हारी इस हसीं बुर को चोदुंगा उसने पीछे से ही उसकी बुर में थोडा धक्का मारा लंड का सुपाड़ा बुर के मुहाने पर खडा था

और लगभग १”घुस गया सुधा ने उसे पकड़ लिया और तेज आवाज से बोलने लगी चोदो न अपनी बीवी सुधा को आज वो तुम्हारे आगोश में है इतना कह कर मेरे दोस्त ने एक तेज झटका मारा और उसका लंड उसकी बुर में पूरा प्रवेश कर गया
वो तेजी से अन्दर बहार करने लगा और १० मिनट के बाद वो उसकी बुर में झड गया कुछ देर दोनों एक दुसरे की बाँहों में समा गए और सुधा के चेहरे से तृप्ति साफ़ झलक रही थी मेरे दोस्त ने रात भर में उसे कई बार चोदा सुधा को अब अपने औरत होने का पूर्ण एहसास हो रहा था
जब सुबह सुधा घर आई तो लंगडा रही थी और थकी सी लग रही थी मेरे दोस्त ने तो उसे हर एंगल से चोदा था वो खुश थी।
जब वो घर आई तो मैंने कहा सुधा आज मैं तुम्हारे साथ होली मनाऊंगा मैंने भी सुधा को गर्म कर कर उसे चोदा लेकिन अब विक्की की बारी थी विक्की भी दो दिनों तक रुका और मेरी सुधा की जमकर चुदाई की और सुधा इस होली पर पूरी तृप्त हो गयी अब मेरा दोस्त और विक्की अक्सरहां मेरे घर आते और मेरी अनुपस्थिति में सुधा रानी को खूब चुदाई करते

अब सुधा के पास लंड की कमी नहीं थी और उसका जिस्म थोडे दिन में ही भर आया अब वो और भी सुन्दर लगने लगी थी मैं भी

अब उसे रेगुलर चोदता था लेकिन मेरा दोस्त जब कभी उसकी बीवी मायके जाती
वो उसे हेल्प करने के बहाने ले आता था और सुधा भी उस पल का इंतजार करती थी जब उसे बेपनाह मुहब्बत मिलती थी आखिर सुधा को उसने मंगलसूत्र पहनाया था और अपनी पार्ट टाइम बीवी बनाया था

मेरा दोस्त खास कर मेरी सुधा की गांड का दीवाना बन गया था सुधा के पीछे मेरे पडोसी भी हाँथ धो कर पड़े थे वो कहानी अब अगले भाग में पढ़िए।