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कार में ही एक लड़के की गांड मार दी

हम तीनों अभी सीट पर ही बैठे-बैठे कर रहे थे। मैं उनके बीच से निकला और पीछे की सीट पर आकर मेरी जीन्स निकाल दी और सीट पर लेट कर उनकी तरफ देखने लगा।

वो दोनों भी मेरा मुँह देख रहे थे कि ये क्या कर रहा है। तभी राहुल तुरंत अपनी पेंट.. ब्रीफ निकाल कर पूरा नंगा हो गया और पीछे आकर मेरी ब्रीफ निकाल कर मुझे भी पूरा नंगा कर दिया और मेरे नंगे जिस्म पर लेट गया।

आह.. दो नंगे जिस्मों का चिपकना क्या मज़ा देता है.. ये वही जान सकता है, जो इसे महसूस कर चुका हो।

राहुल मेरे जिस्म पर लेटा हुआ मुझे बांहों में कसता और मेरे होंठों को चूसता, मेरी गर्दन पर लव बाइट देता और मेरे निप्पल चूसता।

इसी बीच अमन भी पूरा नंगा होकर पीछे आ गया और राहुल के ऊपर वो लेट गया और राहुल की गर्दन और उसके गाल पर किस करने लगा। मैंने अमन को अपनी तरफ खींचा और मेरे और राहुल के होंठ चुसाई में उसे भी शामिल कर लिया।

अब हम तीनों एक-दूसरे के होंठों को चूमते जीभ भिड़ाते हुए चूस रहे थे। अमन राहुल के ऊपर से उठा और मुझे उठा कर बैठा दिया। राहुल मेरी बांहों में था.. वो मेरे जिस्म से चिपका हुआ मेरे होंठों को चूसता रहा था। मेरा एक पैर सीट पर था और एक नीचे लटका था राहुल का पाँव भी मेरे दोनों पाँव पर से एक नीचे लटका था और एक सीट पर और लंड से होंठ तक मुझसे चिपका हुआ था। अमन मेरे पीछे बैठ गया, उसने भी उसका एक पैर नीचे लटकाया और एक पैर राहुल के पैर के नीचे से मेरे जैसे सीट पर लम्बा कर लिया और मुझे पीछे से बांहों में कस लिया।

मैंने अपना पूरा बदन अमन पर डाल दिया और अमन मेरे होंठों और मेरे गालों को चूसने लगा। राहुल मेरे निप्पल को चूसने लगा। फिर मेरे जिस्म को सहलाता हुआ मेरे पेट को और जांघों को चूमता हुआ मेरे लंड को चूमने लगा।

ओह गॉड.. तभी उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया.. ओओह्ह्ह्ह्ह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… जीवन के इस असली आनन्द को पाकर मैं निहाल हो गया। मैंने मेरा पूरा जिस्म उन दोनों के हवाले कर दिया।

अँधेरे, वीरान इलाके में कार की पिछली सीट पर हम तीनों पूरे नंगे थे। मैं अमन के नंगे जिस्म की बांहों में था। अमन मेरे जिस्म से खेलता और मेरे होंठों और मेरी जीभ को चूसता जा रहा था और राहुल मेरे लंड को चूसता हुआ उससे खेल रहा था।

अमन का ध्यान जब मेरे तने हुए और मोटे लंड पर गया तो उससे रहा नहीं गया। वो पीछे से हटा और मेरा पैर के पास आकर राहुल के साथ मेरा लंड चूसने लगा। दोनों मेरे लंड पर टूट पड़े.. मैंने मेरा एक पाँव आगे वाली सीट की बैक के ऊपर रखा और दूसरा पीछे वाली सीट के बैक पर टिका दिया। मेरे दोनों पैर खुल चुके थे और ऊपर थे और वे दोनों मेरे पाँव के बीच थे। वे कभी मेरी गोटियों को चाटते, चूसते तो कभी मेरे लंड को पूरा अन्दर तक ले कर चूसते, तो कभी मेरे लंड को दोनों उनकी जीभ से चाटते और दांतों से मेरे लंड को दबाते। कभी मेरी गांड के छेद को चाटते तो कभी उसमे जीभ से हलचल मचाते और कभी मेरी जांघों को चाटते और काटते।

कुल मिलाकर दोनों ने मेरी जान निकाल दी थी। पर जो मज़ा दिया वो दुनिया की किसी दौलत से नहीं ख़रीदा जा सकता था। मेरी आहें निकल रही थीं और वो दोनों मेरे लंड और गोटियों की चुसाई कर रहे थे। उन लोगों को मेरा लंड चूसते हुए आधा घंटा हो चुका था। मेरा लंड एकदम लाल हो चुका था। मैं उठा, सीट पर सीधे बैठा कर पाँव नीचे कर लिए। लेकिन उन दोनों ने मेरे दोनों पाँवों को फैला दिया और मेरी जीन्स से कंडोम निकाल कर मेरे लंड पर चढ़ा दिया और अमन को गांड की तरफ से मेरे लंड पर बैठा दिया। लंड घुसा तो उसकी चीख निकल गई। मैंने उसे पीछे से मेरी बांहों में भर लिया। अमन मेरी तरफ पीठ करके बैठा था।

अब मैंने धीरे-धीरे अपनी गांड को उठा-उठा कर अमन को चोदना शुरू किया। उसे मजा आने लगा.. तो राहुल को मैंने मेरे पास खींचा और एक हाथ से उसे और दूसरे हाथ से अमन को मेरे जिस्म से चिपका कर उनके जिस्म को सहलाने लगा, साथ ही मैं अपनी गांड को उचका-उचका कर अमन को चोदता जाता।

मैंने राहुल के होंठों को चूस रहा था। फिर मैंने राहुल का मुँह अमन के लंड की तरफ किया तो वो अमन का लंड चूसने लगा। कोई 5-7 मिनट बाद अमन को उठाकर राहुल को लंड पर बैठाया और उसे चोदने लगा। राहुल की टाइट गांड में मेरा लंड खलबली मचा रहा था और राहुल के होश उड़ा रहा था। मैं दोनों को 5-7 मिनट तक बारी-बारी से चोदता रहा। तभी 4-5 मिनट के अन्तराल से दोनों झड़ गए।

फिर मैं सीट से उठा और अमन को सीट पर बठा कर उसके पाँव ऊपर किए और उसके आगे उसके ऊपर झुक कर खड़ा हो गया और उसकी गांड में लंड डालकर चोदने लगा। खड़े होकर धक्के लगाने में बहुत मस्त लग रहे थे। मैं पूरा लंड उसकी गांड में डालने के लिए जोर लगाता। मेरी इस चुदाई से अमन को मज़ा आ गया था।

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अब राहुल की बारी थी। उसकी गांड में लंड डाल कर जब जोर-जोर से झटके मारता तो वो तेजी से आह भरता। वो एकदम से मदहोश हो चुका था। वो मेरे सिर को पकड़ कर अपने पास खींचता और मेरे होंठों को चूसता। मैं मेरी जीभ बाहर निकाल देता और अमन को भी पास में खींच कर मेरी जीभ दोनों से चुसवा कर मजा ले रहा था।

कार में खड़े होकर झुकना और फिर चोदना बड़ा दिक्कत वाला था इसलिए दोनों को इस तरह एक-एक बार ही चोद पाया।

हम लोग पूरी तरह से हवस के आगोश में समां चुके थे। मुझे दोनों को आराम से चोदना था। मैं कार के बाहर आ गया और अमन को भी बाहर खींच लिया और उसे कार के सहारे झुका कर खड़ा करके अमन को चोदना शुरू कर दिया। राहुल भी बाहर आ गया और मुझे पीछे से बांहों में लेकर मेरे जिस्म को सहलाने लगा। मेरे स्ट्रोक बहुत तेज होते जा रहे थे। फिर मैंने राहुल को कार के सहारे झुकाया और उसे चोदने लगा। मेरी स्पीड तेज और तेज होते जा रही थी। मेरा लंड पूरी तरह तनतना रहा था। मेरे लंड का टॉप तो फड़फड़ा उठा था।

इसी बीच मैंने अमन को भी राहुल के साथ झुका कर खड़ा कर दिया। अब मैं उन दोनों को 4-4 धक्के मार के चोदने लगा। पहले 4 धक्के अमन की गांड में.. फिर 4 राहुल की में मार के चोदता।

अब मेरा टाइम भी होने वाला था। मैंने राहुल को तेजी से चोदना शुरू किया.. मेरी स्पीड बहुत तेज हो चुकी थी। राहुल से अब सहन नहीं हो रहा था.. वो बस-बस करने लगा। अमन मेरे पीछे से मेरी गांड चाट रहा था। मेरी स्पीड बढ़ती जा रही थी.. राहुल बार-बार बोलता जा रहा था।

‘बस यार.. अब बस कर।’

राहुल को जोश दिलाने के लिए मैंने उसका लंड पकड़ कर तेजी से हिला दिया। दो मिनट में राहुल ने फिर से पिचकारी छोड़ दी और वो ठंडा पड़ गया। मैंने जल्दी से अमन को कार के सहारे झुका कर खड़ा किया और उसे तेजी से चोदने लगा। मैं पूरे जोश में आ चुका था और तेजी से अमन की गांड के अन्दर तक मेरा लंड डाल रहा था। मेरी स्पीड बहुत तेज थी। तेज झटकों के कारण ‘छप छप’ की आवाज़ आने लगी थी। जोर से झटकों के कारण अमन की हालत भी खराब होने लगी। उसे मस्त करने के लिए मैं उसका लंड सहलाने लगा। उसका लंड एकदम कड़क हो गया और उसने भी फिर से पिचकारी छोड़ दी। मेरा टाइम भी हो गया था। मैंने तेजी से मेरा कंडोम निकाला और अमन के मुँह में मेरा लंड डालकर उसे चोदने लगा। राहुल को भी नीचे बैठा कर उसके मुँह में भी मेरा लंड डाल कर चुसवाता और तभी एक जोर का झटका लेकर मैंने राहुल के मुँह में मेरा माल छोड़ दिया और जल्दी से मेरा लंड राहुल के मुँह से निकाल कर अमन के मुँह में डाला और बाकी के झटके उसके मुँह में मार कर सारा माल निकाल दिया।

उन दोनों ने मेरे लंड को चूस-चूस कर साफ़ कर दिया।

अब हम लोग कार में आ गए.. पहले राहुल गया, जिसे मैंने सीट पर लेटा दिया। मैं उसकी छाती से मेरी पीठ चिपका कर उसके ऊपर उल्टा लेट गया.. और मेरे मुँह को उसके मुँह से चिपका कर चूमने लगा।

फिर मैंने मेरे दोनों पैर उठा कर फैला लिए और अमन मेरी गांड को चाटता हुआ मेरे लंड से होते हुए पेट और निप्पल पर आ गया। अब वो मेरे होंठों को चूसने लगा और मेरी बांहों में आकर मेरे नंगे जिस्म से चिपक कर मेरे ऊपर लेट गया।

करीब 10-15 मिनट हम दोनों एक-दूसरे के नंगे जिस्म से खेलते रहे।

कुछ 15 मिनट में मेरा लंड फिर तन गया, पर उन दोनों की हिम्मत नहीं थी कि वो फिर से चुदवाएं। इसलिए दोनों से कुछ मिनट तक मैंने लंड चुसवाया।

फिर मैंने अमन को चुदाई के लिए मना ही लिया और उसे मैंने मेरे लंड पर बैठा ही लिया.. पर अमन ने 15 मिनट से ज्यादा नहीं चुदवाया। फिर दोनों ने मेरा लंड चूस-चूस कर ठंडा कर दिया और अमन ने मेरा पूरा माल मुँह में ले कर बाहर थूक दिया।

अब तक रात के 12:15 बज चुके थे.. हम दोनों एक-दूसरे के नंगे जिस्मों पर निढाल पड़े थे। जैसे ही टाइम देखा, तो जल्दी-जल्दी कपड़े पहने और वहाँ से निकल पड़े। वे दोनों पूरे रास्ते मेरे लंड को दबाते रहे.. अमन ने तो ज़िप खोल कर मेरे लंड को फिर से मुँह में ले लिया था।

नेहरू पार्क की पार्किंग पहुँच कर तो राहुल भी मेरे लंड को चूसने लगा। दोनों ने आधे घंटे मेरा लंड वहीं बैठे-बैठे चूसा। रात के 1:45 हो रहे थे। एकदम सुनसान था। आखिर मैंने हाथ से हिलाकर इस बार सारा माल राहुल के मुँह में निकाल दिया। फिर दोनों से मैंने विदा ली और मेरी बाइक उठा कर अपने घर की ओर चल दिया।
मैं मेरी गांड की चुदाई की गे सेक्स स्टोरी पर आप सभी के कमेंट्स के इन्तजार में हूँ।

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