जब किरायेदार भाभी का सेक्स का मूड हुआ

जब किरायेदार भाभी का सेक्स करने का मूड हुआ। मैं भई कौन सा कम था। मैंने अपनी आंटी के घर उनकी किरायेदार भाभी को देखा और समझ गया कि भाभी का सेक्स का मूड है, ये भाभी चुदाई करवा लेगी.
दोस्तो.. मैं आमिर… अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरे खड़े लंड का नमस्कार!
मैंने अन्तर्वासना की लगभग सारी कहानियां पढ़ ली हैं और मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ना बहुत पसंद हैं। इसलिए मैंने सोचा क्यों ना अपनी स्टोरी भी भेजी जाए।

दोस्तो, मेरी लंबाई 5 फुट 8 इंच है, शरीर भी ठीक-ठाक है, मेरा लंड 6 इंच का है।

यह कहानी 5 साल पहले की है, जब मैं 22 साल का था। हम लोग मुंबई से अपने गाँव गए थे। मेरे गाँव से मेरी आंटी का घर 4 किलोमीटर पर था।
मैं कुछ दिन के बाद आनी आंटी से मिलने गया और मैं अपनी आंटी से मिला। आंटी मुझसे मिल कर बहुत खुश हुईं क्योंकि उनको कोई लड़का नहीं था.. मुझे अपने बेटा जैसा ही मानती थीं।

आंटी मेरे लिए खाने का इंतजाम करने लगीं। कुछ देर के बार डोरबेल बजी.. मेरी आंटी ने डोर खोला में देखा एक औरत घर के अन्दर आई। वो पानी लेने आई थी।

दोस्तो, क्या बताऊं क्या माल थी.. उसका बदन जैसे कोकोकोला की बोतल हो। एकदम मस्त 36-28-36 का फिगर होगा और वो बहुत ही खूबसूरत थी, एकदम गोरी।
मेरा मन खराब हो गया.. और उसको चोदने का हो गया.. मगर क्या करता.. सो बस सोच के रह गया।

वो पानी लेकर चली गई। उसके जाने के बाद मैंने आंटी से पूछा- कौन थी ये?
तो आंटी ने बताया- ये हमारी किराएदार है।
मैं बहुत खुश हुआ क्योंकि मुझे उसको बार-बार देखने को मिलेगा।

मैंने खाना खाकर आंटी से बहुत सारी बातें कीं और अपने घर चला आया। घर आकर मैं उसके नाम की मुठ मारने लगा।

अब मैं आंटी के घर बार-बार जाने लगा। धीरे-धीरे मेरी उनसे बात चालू हो गईं… मैं उनको भाभी बोलने लगा। इस वजह से वो मुझसे खुल कर मज़ाक करने लगीं। वो मेरी आंटी के सामने बहुत मज़ाक करती थीं, मैं आंटी के सामने कुछ ज्यादा नहीं बोलता था। मुझे लग गया था कि ये भाभी चुदाई करवा लेगी.

एक दिन मैं अपनी आंटी के यहाँ गया तो उस वक्त मेरी आंटी मार्किट गई थीं। भाभी बरामदे में बैठी थीं.. वो मुझे देख कर बोलीं- तुम्हारी आंटी तो मार्किट गई हैं बैठो थोड़ी देर में आ जाएंगी।
तो मैं बैठ गया.. वो मेरे लिए पानी लेकर आईं। मैंने पानी पिया और इधर-उधर की बातें होने लगी।
भाभी मुझसे पूछने लगीं- तुम किसी को प्यार करते हो?
तो मैंने ‘हाँ’ कहा.. तो उन्होंने इठला कर पूछा- कुछ और भी किया कि नहीं?
तो मैंने भाभी से पूछा- कुछ और का मतलब?
तो उन्होंने बोला- जैसे तुमको मालूम नहीं है.. इतना भी भोले मत बनो।
मैंने कहा- हाँ सब कुछ किया।

फिर मैंने भाभी से उनके किसी ब्वॉयफ्रेंड के बारे में पूछा.. तो उन्होंने भी बताया- हाँ शादी से पहले था।
तो मैंने भी पूछा- तो कुछ और भी हुआ था?
वो बोलीं- हाँ कई बार।
मैंने पूछा- क्या आप सेक्स मूवी देखती हैं?
वो बोलीं- हाँ देखती हूँ.. तुमको चाहिए?
मैं बोला- हाँ।
वो बोलीं- ठीक है, मैं देती हूँ।
मैंने कहा- आपके पास कहाँ से आती हैं?
तो बोलीं- मेरे पति लाते हैं.. और वैसे भी मैं शादी से पहले से देखती रही हूँ।

उन्होंने मुझे बताया कि शादी से पहले कैसे चुदाई की।
अभी उनकी पूरी स्टोरी खत्म ही नहीं हुई थी कि आंटी आ गईं। मैं आंटी से मिल कर घर जाने लगा तो भाभी मुझसे नंबर माँगने लगीं।
मैंने नम्बर दे दिया।
अब हम दोनों के बीच के शर्म नाम का परदा हट गया था।

दूसरे दिन सुबह 10 बजे उनका फ़ोन आया। मैंने फोन उठाया तो उनकी आवाज़ आई, वो पूछने लगीं- कहाँ हो?
तो मैं बोला- गाँव में दोस्तों के साथ हूँ।
उन्होंने पूछा- यहाँ आओगे नहीं?
मैं बोला- कोई पक्का नहीं है।
उन्होंने बोला- एक किस दे दो।

मैं ये बात सुनकर हैरान हो गया।
मैंने फिर पूछा- क्या?
तो उन्होंने कहा- किस दे दो।
मैं बोला- फोन पर किस करने का मज़ा नहीं आएगा.. बोलो तो आ कर किस दे दूँ।
उन्होंने कहा- आ सकते हो?
मैंने कहा- इसके लिए मैं कहीं भी जा सकता हूँ.. तुम हुक्म तो करो।
वो हंस कर बोलीं- तो आ जाओ.. मेरा पति भी घर नहीं है।

मैंने नहा कर कपड़े पहने और बाइक लेकर पहुँच गया।

मैं आंटी के घर पहुंचा तो देखा कि आंटी नहीं थीं, घर पर ताला लगा था। मैंने भाभी से पूछा तो वो बोलीं- वो तुम्हारे मामा के यहाँ गई हैं।
मैं बहुत खुश हुआ.. रास्ता साफ था।

भाभी मुझे अपने घर में ले जाने लगीं, मैं भी उनके पीछे चल दिया।
मैं पीछे से उनको मटक कर चलते हुए उनकी थिरकती गांड देख रहा था.. क्या हाहाकारी गांड थी।

यह देख कर ही मेरा लौड़ा खड़ा हो गया था और वो पैन्ट के बाहर आने के लिए बेताब था।
मेरा लंड इतने से ही बेकाबू हो गया था। घर में घुसते ही मैंने भाभी को पकड़ कर दीवार से सटा दिया और अपने होंठ उनके होंठों से सटा दिए।

भाभी भी मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगीं। मेरा एक हाथ उनके मम्मों पर आ गया और मैं मम्मों को दबाने लगा।
भाभी के मम्मे बहुत टाइट थे.. मसकने में बहुत मज़ा आ रहा था।
कुछ देर ऐसा ही चलता रहा, फिर मैं अपने हाथ को धीरे-धीरे नीचे उनकी चुत पर ले गया। उनकी चुत जैसे ही मेरे हाथों से टच हुई मुझे करंट सा लगा। उनकी चुत बहुत गरम थी। मेरा हाथ चुत पर लगते ही भाभी के मुँह से एक ‘अहह..’ निकल गई और उन्होंने अपने आपको ढीला छोड़ दिया। अब तक वो मेरे होंठों को चूस रही थीं.. वो भाभी ने एकदम से बंद कर दिया और चुत पर मेरे हाथ का मज़ा लेने लगीं।

दो पल चुत का मजा लेने के बाद भाभी फिर से होंठों को चूसने के काम में चालू हो गईं। मैं उनकी चुत सहलाने लगा.. भाभी बहुत गरम होने लगीं तो मैंने उनका ब्लाउज उतार दिया, वो ब्लैक ब्रा में थीं। मैं भाभी की ब्रा के ऊपर से ही उनके दूधों से खेलने लगा।
कुछ देर के बाद मैंने उनके मम्मों को ब्रा से आज़ाद कर दिया, उनके ठोस मम्मों को देखते ही मैं अवाक रह गया.. एकदम गोरे उस पर पिंक कलर के निप्पल.. अह.. मेरी लॉटरी खुल गई थी।

मैं उनके मम्मों को पकड़ कर उनके निप्पल चूसने लगा। दोनों मम्मों को चूसने के बाद मैं धीरे-धीरे नीचे आया और उनकी सलवार का नाड़ा खोल कर उनकी सलवार निकाल दी। वो काले रंग की पेंटी में थीं। मैंने देर ना करते हुए उनकी पेंटी भी उतार दी।

दोस्तो.. सच में क्या हसीन नज़ारा था.. इससे पहले ऐसी चुत मैंने सिर्फ ब्लू-फिल्म में देखी थी।

मैं कई लड़कियों को चोद चुका हूँ मगर भाभी की चुत जैसी अब तक नहीं मिली थी। एकदम पिंक कलर की बुर थी। मैं पागल सा हो रहा था। मैंने उनकी दोनों टांगों को फैलाया और अपना मुँह उनकी चुत पर ले गया। जैसे ही मैंने अपनी ज़ुबान उनकी चुत पर लगाई.. भाभी की सिसकारी निकल गई और वो चादर को पकड़ कर मचलने लगीं।

मैंने अपनी ज़ुबान भाभी की चुत के अन्दर तक ले जाता और अपनी ज़ुबान से भाभी की चुत की चुदाई करता। कभी उनकी चुत की पंखुड़ियों से ज़ुबान की नोक से खेलता.. भाभी पागल सी हो रही थीं।

फिर मैंने अपने कपड़े उतारे। जैसे ही मैंने अपनी चड्डी उतारी.. भाभी ने झट से मेरे लंड पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं। वो मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूस रही थीं। जैसे सन्नी लियोनि ब्लू-फिल्म में लंड चूसती है।
मैं लंड चुसवाते हुए पागल सा हो रहा था और अब मेरे बर्दाश्त के बाहर हो गया था। मैं रुक ही न सका और उनके मुँह में झड़ गया।

भाभी ने मेरे लंड का पानी थूक दिया और बोला- बता तो देना था।
मैं बोला- भाभी, मैं रोक नहीं सका।

वो मेरे लंड को ऐसे ही हिला रही थीं और फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया। वो बोलीं- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है.. तुम अपना लंड मेरी चुत में डाल दो।
मैं बोला- ठीक है मेरी रानी.. कन्डोम है क्या?
वो बोलीं- हाँ मेरे पति लाए थे.. उधर है।

भाभी ने अलमारी खोली.. उसमें से एक कन्डोम निकाल कर मेरे लंड पर लगा दिया।

अब मैंने भाभी को बिस्तर पर लेटा दिया और उनकी दोनों टांगों को फैला कर अपने लंड को भाभी की चुत की दीवारों पर रगड़ने लगा, जिससे वो पागल सी होने लगीं, भाभी बोलने लगीं- अब मत तड़फा.. जल्दी से लंड पेल दो।

कुछ देर के बाद मैंने अचानक से एक धक्का मारा, उनके मुँह से एक हल्की चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ भाभी बोलीं- आराम से डालो.. जल्दी किस बात की है?
फिर मैंने एक और धक्का लगा दिया, अब मेरा लंड उनकी चुत में आराम से आ-जा रहा था, भाभी को भी बहुत मज़ा आ रहा था.. जो उनकी मुस्कराहट से से पता चल रहा था।
कुछ देर तक तो मैं भाभी को आराम-आराम से चोद रहा था। जब भाभी की मस्ती बढ़ने लगी तो मैंने अपनी स्पीड थोड़ी बढ़ा दी। भाभी एकदम से अकड़ने लगीं।

उसके बाद मेरे लंड को एक अजीब सा महसूस हुआ.. जैसे उनकी चुत मेरे लंड को भींच रही हो और कुछ पानी सा छोड़ रही हो। भाभी की चुत के ऐसा करने से मैं अपने आपको नहीं रोक सका और मेरे लंड ने भी पानी छोड़ दिया।

मैं भाभी के ऊपर ही लेटा था.. तो वो मुझसे बोलीं- चुत में ही पानी छोड़ दिया।

मैं हैरान होकर खड़ा हुआ तो देखा कि कन्डोम फट कर लंड के ऊपर चढ़ गया था और मेरा लंड पर भाभी की चुत का पानी लगा हुआ था। भाभी की चुत से मेरे लंड का पानी निकल रहा था।

वो उठीं और उन्होंने अपनी सलवार उठा कर उससे अपनी चुत अन्दर तक साफ की और मेरे लंड को भी साफ़ करके भाभी बाथरूम में नहाने चली गईं।

मैं अपने कपड़े पहन कर घर आ गया। उसके बाद भाभी को जब भी मौका मिलता है.. फ़ोन करके मुझे बुला लेती हैं और मैं भाभी को चोदता हूँ।

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