पडोसी भाभी की चूत में लंड डालने ले लिए राजी किया

किसी को राजी करना वो भी उसके चुत में लंड डालने के लिए। क्या इतना आसान होता है। hindi sex story, bhabhi sex kahani in hindi. मेरी भाबी सेक्स स्टोरी पढ़ने वाले सभी साथियों को नमस्कार। दोस्तो आज मैं भी अपनी एक कहानी आप सब लोगों को बताने जा रहा हूँ। अपनी ये कामुक कहानी सुनाने से पहले मैं आपको ज़रा अपने बारे में बता दूँ। मेरा नाम आलोक है और मैं दिल्ली में रहता हूँ। मेरी उम्र 24 साल है, मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है।

दोस्तो ये बात कुछ ही महीनों पहले की है, जब मेरी गली में गीता भाबी का घर बन रहा था। गीता भाबी घर बनने की वजह से हमारे यहाँ किराए पर रहने लगी थीं। गीता भाबी दिखने में एक जबरदस्त माल हैं.. उनकी आँखें भूरी और हल्के हरे से रंग की हैं.. जिस्म का रंग गोरा है। भाबी की गांड मस्त उठी हुई है तथा चूचे भी काफी ठोस और मोटे हैं। मेरी गली के सभी लड़के भाबी के बारे में सोच-सोच कर मुठ मारते हैं। उन लड़कों में से एक मैं भी था।

मैं भाबी से इन दिनों धीरे-धीरे काफी खुल गया था और उनसे काफ़ी मज़ाक भी कर लेता था, लेकिन उनसे कुछ कहने से डरता था।

एक दिन मैं अपने कमरे में अपने कंप्यूटर में गेम खेल रहा था तभी अचानक मम्मी कमरे में आ गईं। मैंने मम्मी को देख कर गेम छुपा लिया.. साथ ही कुछ और करने लगा।

मम्मी कब घर से बाहर चली गईं.. मुझे पता भी नहीं चला। मुझे याद आया कि मैंने अपना गेम छुपा दिया था तो मैंने भाबी से आवाज़ लगा कर पूछा- भाबी, मम्मी बाहर चली गईं क्या?
तो भाबी ने बोला- हाँ हाँ.. देख लो जो देख रहे हो.. मम्मी नहीं हैं।

उनका ये जवाब सुन कर मैं चौंक गया और अपने कमरे से बाहर आकर भाबी से पूछा- क्या मतलब भाबी.. मैं क्या देख रहा हूँ?
तो भाबी बोलीं- मुझे मत चलाओ, मुझे पता है कि तुम कंप्यूटर में क्या देख रहे हो..!

मैं समझ तो गया था कि भाबी क्या कह रही हैं लेकिन मन में एक डर सा था कि कहीं मैं ग़लत तो नहीं सोच रहा हूँ।
मैंने अनजान बनने की कोशिश की और बोला- मैं कुछ समझा नहीं भाबी.. सही सही बोलो, क्या बोल रही हो?
तो भाबी बोलीं- आप ब्लू फिल्म देख रहे हो ना?

उनके मुँह से ये बात सुन कर मेरे हाथ-पैर कांपने लगे ओर मेरे मन में गुदगुदी सी होने लगी।
मैंने हिम्मत करके भाबी से बोला- क्यों आपको भी देखनी है क्या..?
भाबी अपनी चुत पर हाथ फिरा कर बोलीं- अगर दिखा दोगे, तो देख लेंगे।

मैं मन ही मन में खुश हुआ।
मैंने भाबी से बोला- आप दरवाजा बंद करके मेरे रूम में आ जाओ।
वो बोलीं- ओके आती हूँ।

वो जब तक मेरे रूम में आतीं.. तब तक मैंने अपना फोन अपने कंप्यूटर से कनेक्ट किया और फोन की सारी मूवी अपने कंप्यूटर में डाल लीं।
इतनी देर में भाबी भी मेरे रूम में आ गईं और वो बोलीं- अब चलाओ भी..

मैंने हिम्मत करके मूवी चला दी, स्टार्टिंग में मूवी में लड़की लड़के का लंड चूस रही थी और भाबी उस मूवी को खूब ध्यान से देख रही थीं। मैं भाबी को देख रहा था.. मेरा लंड खड़ा हो रहा था और दर्द भी कर रहा था।
तभी मैंने भाबी से पूछा- भाबी, क्या आपने कभी भैया के सिवा किसी और के साथ भी सेक्स किया है?
वो शर्मा कर हंस दीं और अपनी गर्दन ‘ना’ में हिला दी।

तभी मैं खड़ा हुआ और बोला- भाबी, मेरे साथ सेक्स करोगी?
तो उन्होंने हंस कर अपनी गर्दन नीचे झुका ली, मैं समझ गया कि लोहा गरम है.. चोट मार देनी चाहिए।
मैं उनके पीछे से आया और उनके दोनों चूचों को पकड़ कर मसलने लगा।

पहले तो उन्होंने मेरा हाथ हटाने की कोशिश की.. लेकिन धीरे-धीरे उनको भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगीं। अब मैं भाबी के चूचे सहलाते सहलाते उनके लिप्स पर किस करने लगा। भाबी भी मेरा साथ देने लगीं और उन्होंने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया।

दोस्तो, पूछो मत उस टाइम क्या मजा आ रहा था.. मानो मैं जैसे जन्नत में था। उनके ठंडे-ठंडे होंठों का मीठा-मीठा रस में मस्ती से पीता जा रहा था और वो भी मेरे होंठों का रस बड़े मजे के साथ पी रही थीं। उस समय हम दोनों एक-दूसरे में खो चुके थे।

अब मैंने अपना एक हाथ उनकी सलवार में डाल दिया और उनकी पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाने लगा। अब तो जैसे वो पागल सी हो गई थीं। उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे हाथ को अपनी पेंटी के अन्दर डाल कर खुद ही अपनी चूत को मेरे हाथों से रगड़वाने लगीं।
अह.. उनकी क्या मस्त गीली-गीली चूत थी।

अब मैंने अपनी एक उंगली भाबी की चूत में डाल दी और धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा। भाबी को ऐसा करवाने में मजा आ रहा था.. वो मस्त-मस्त आवाजें निकालने लगीं- मम्मूऊऊआ… सस्सिईईई.. आआह… बस करो ना.. प्लीज़ आआआआ.. सस्स्स्सिईईई..

मेरा लण्ड अन्दर खड़ा-खड़ा दर्द करने लगा था.. उनकी चूत को सहलाते-सहलाते मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उनके हाथों में पकड़ा दिया। मेरा लण्ड पकड़ते ही उन्होंने चौंक कर आंखें बड़ी कर लीं मानो जैसे इतना बड़ा लण्ड उन्होंने पहली बार पकड़ा हो।

अब वो भी धीरे-धीरे मेरा लण्ड सहलाने लगीं।

कुछ ही पलों में हम दोनों चुदाई के लिए तड़प रहे थे। हमने समय ख़राब न करते हुए एक-दूसरे को पूरा नंगा कर दिया। अब मैं और वो एक-दूसरे के सामने एकदम नंगे थे। समय ख़राब न करते हुए मैंने उन्हें बेड पर चित लिटा दिया। फिर मैंने उनकी दोनों टांगें चौड़ी करके उनके ऊपर चढ़ गया।

भाबी भी चुदने के लिए इतनी बेचैन थीं कि मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत में डालने की कोशिश करने लगीं। लेकिन अभी मेरा मन उन्हें और तड़पाने का था। मैं अपना लण्ड पकड़ कर उनकी चूत के बीच में रगड़ने लगा। मेरे लण्ड का टोपा भाबी की चूत के दाने को रगड़ रहा था.. और वो पागल हो रही थीं।
भाबी कह रही थीं- जल्दी से पेल दे.. में मर जाउंगी.. प्लीज.. कुछ करो आह..

अब तो मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था। मैंने अपने लंड को भाबी की चूत के मुँह पर सैट किया और एक जोर का झटका दे दिया.. मेरा आधा लंड भाबी की चूत में उतर गया।

भाबी के मुँह से जोर की चीख निकली और उनकी आँखें दर्द के मारे चौड़ी हो गईं। उन्होंने मुझे धक्का देकर अपने ऊपर से हटाने की कोशिश की लेकिन मेरी पकड़ इतनी मजबूत थी कि वो चाह कर भी मुझे हटा न सकीं।

भाबी दर्द के मारे वो रोने लगीं और बोलीं- प्लीज़ बाहर निकालो इसे.. नहीं तो मैं मर जाऊंगी।
मैं उनको चुप कराते हुए उनको बड़े प्यार से धीरे-धीरे किस करने लगा और उनके पूरे बदन पर हाथ फेरने लगा।

अब भाबी का दर्द कम हो गया था और ऐसे ही धीरे-धीरे करके मैंने अपना 7 इंच लंबा लंड उनकी चूत में पूरा जड़ तक उतार दिया। उनकी आँखों से दर्द के आँसू निकल रहे थे लेकिन आँखों में एक ख़ुशी भी साफ झलक रही थी।

अब मैंने धीरे-धीरे करके झटके लगाना शुरू किए.. भाबी को भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगीं। भाबी मादक आवाजें निकालते हुए नीचे से अपनी गांड उठा कर झटके दे रही थीं ‘सस्स्स्शहिईई.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आलोक मैं मर जाऊंगी..’

अचानक उनकी स्पीड और तेज होने लगीं.. मैं समझ चुका था कि अब वो झड़ने वाली हैं। हालांकि मैं भी झड़ने वाला हो गया था सो मैंने भी तेजी पकड़ ली। हम दोनों की स्पीड बहुत तेज हो गई थी। पूरे रूम में बस ‘पच…पच…पच..’ की आवाजें गूंज रही थीं।

तभी अचानक भाबी ने मुझे जोर से जकड़ा और हम दोनों एक साथ ही झड़ गए। मैंने भी अपना सारा पानी उनकी चुत में ही निकाल दिया। हम दोनों एक-दूसरे को जोर से जकड़ कर कुछ देर ऐसे ही एक-दूसरे से चिपके पड़े रहे।

कुछ देर बाद हम अलग हुए। भाबी ने मुझे मस्त वाली किस की और अपने रूम में चली गईं।

दोस्तो, उस दिन के बाद से मौका मिलते ही मैं भाबी की चुदाई कर डालता था। भाबी भी मेरी चुदाई से बहुत खुश थीं।
अब भाबी सेक्स के लिए तैयार रहती हैं।

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